ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका और इसराइल की ओर से किए जा रहे हमलों पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि नागरिक ठिकानों जैसे पुलों और स्कूलों पर बमबारी करना दुश्मन की घबराहट को जाहिर करता है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इन हमलों के आगे घुटने नहीं टेकेगा। इस तनाव की वजह से पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों पर बड़ा संकट मंडरा रहा है और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

हमलों और मौजूदा स्थिति से जुड़ी कुछ खास बातें

  • अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी 2026 से ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था।
  • हाल ही में Karaj के B1 ब्रिज पर हमला हुआ जिसमें 8 लोगों की मौत और करीब 100 लोग घायल हुए हैं।
  • President Donald Trump ने कहा है कि यह ऑपरेशन अपने आखिरी चरण में है और अगले दो-तीन हफ्ते और चलेगा।
  • रेड क्रीसेंट की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक ईरान में 498 स्कूलों और 236 स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान पहुंचा है।
  • UN सुरक्षा परिषद ने पहले ही एक प्रस्ताव पास कर ईरान के हमलों की निंदा की थी और आम लोगों को बचाने की मांग की थी।

तेल सप्लाई और आम जनता पर होने वाला असर

ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर क्षेत्रीय ऊर्जा सप्लाई को निशाना बनाया गया तो इसके गंभीर आर्थिक परिणाम होंगे। ईरान की मिलिट्री ने भी कहा है कि अगर उनके तेल ठिकानों पर हमला हुआ तो वे भी क्षेत्र के बाकी तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएंगे। इससे खाड़ी देशों (GCC) में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और वहां के व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। अमेरिका ने बगदाद में अपने नागरिकों को तुरंत इलाका छोड़ने की सलाह दी है क्योंकि आने वाले 48 घंटों में हमले तेज होने की आशंका है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.