ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ी खबर आई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते में लेबनान का सीजफायर शामिल होना जरूरी है। उन्होंने यह बात हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम को बताई है। ईरान का कहना है कि यह उनकी शुरुआत से ही एक मजबूत नीति रही है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के जरिए भेजे गए ताजा प्रस्ताव में भी इस बात को दोहराया गया है।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या बातचीत चल रही है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने 23 मई 2026 को बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने का काम लगभग पूरा होने वाला है। उन्होंने कहा कि बातचीत बहुत दूर लेकिन बहुत करीब है क्योंकि अमेरिकी अधिकारी अक्सर अपने रुख में बदलाव करते रहते हैं। ईरान का मुख्य मकसद इस क्षेत्र में जारी संघर्ष को समाप्त करना है और इसके लिए लेबनान में सीजफायर होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच मौजूदा सीजफायर को 60 दिनों के लिए बढ़ाने पर भी चर्चा हो रही है जिससे Strait of Hormuz को धीरे-धीरे फिर से खोला जा सके।

इस बातचीत में पाकिस्तान और अन्य देशों की क्या भूमिका है?

इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने 23 मई 2026 को ईरान के शीर्ष अधिकारियों के साथ इस संबंध में चर्चा की है। इसके अलावा कतर और ओमान जैसे देश भी क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को लेकर ईरान के विदेश मंत्री के साथ लगातार संपर्क में हैं। हिजबुल्लाह ने भी ईरान के इस संदेश की पुष्टि की है जिसमें ईरान ने समूह को अपना समर्थन जारी रखने और लेबनान में सीजफायर की शर्त को हर हाल में समझौते में शामिल रखने की बात कही है।

अमेरिका और जमीन पर क्या है ताजा स्थिति?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ चल रहे विवाद में प्रगति हुई है और आने वाले दिनों में कुछ नई घोषणाएं देखने को मिल सकती हैं। हालांकि राजनयिक स्तर पर हो रही इन कोशिशों के बीच जमीन पर तनाव अभी भी बना हुआ है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच दक्षिणी लेबनान में संघर्ष और हमले जारी हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ भी देश की इस रणनीति और बातचीत पर पूरी नजर बनाए हुए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होने वाला है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार समझौता होने के करीब है लेकिन अमेरिकी रुख में बदलाव के कारण बातचीत अभी पूरी तरह तय नहीं हुई है। इसमें 60 दिनों के सीजफायर विस्तार और Strait of Hormuz को खोलने पर भी चर्चा हो रही है।

लेबनान सीजफायर को लेकर ईरान का क्या रुख है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते में लेबनान का सीजफायर शामिल करना एक गैर-परक्राम्य और अनिवार्य शर्त है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.