ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए एक बार फिर बातचीत शुरू हो गई है. पाकिस्तान की मदद से अमेरिका ने ईरान को कुछ नए प्रस्ताव भेजे हैं, जिन पर ईरान की सरकार अब विचार कर रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ये बातचीत अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गई है, जिससे युद्ध खत्म होने की उम्मीद जगी है.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत चल रही है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने आधिकारिक तौर पर बताया कि उन्हें पाकिस्तान के जरिए अमेरिका की तरफ से नए प्रस्ताव मिले हैं. इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी विशेष रूप से संदेशों का आदान-प्रदान करने के लिए तेहरान पहुंचे हैं. दोनों देशों के बीच बातचीत का मुख्य उद्देश्य युद्ध को खत्म करना और एक दूसरे की मांगों को पूरा करना है.
ईरान की मांगें और अमेरिका का क्या कहना है?
ईरान ने अमेरिका के सामने 14 बिंदुओं का एक संशोधित प्रस्ताव रखा है. ईरान की मुख्य मांगों में शामिल हैं:
- विदेशों में जमी हुई ईरानी संपत्ति को वापस किया जाए.
- ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकाबंदी को खत्म किया जाए.
- ईरान ने यह भी साफ किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है और यूरेनियम समृद्ध करने का उसका अधिकार गैर-परक्राम्य है.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत अंतिम चरणों में है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका दोबारा हमला कर सकता है, लेकिन फिलहाल वह कूटनीति को समय देना चाहते हैं. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हो रही है.
इस समझौते से क्या बदलाव आएंगे?
8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक कमजोर युद्धविराम लागू हुआ था. अब अगर यह समझौता पूरा होता है तो क्षेत्र में स्थिरता आएगी. इसके साथ ही, ईरान और ओमान की तकनीकी टीमें ओमान में मिली हैं, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए सुरक्षित रास्ता बनाने का तरीका निकाला जा सके, जिससे व्यापार और जहाजों की आवाजाही आसान हो सके.
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान इस विवाद में क्या भूमिका निभा रहा है?
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है. पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी दोनों देशों के बीच प्रस्तावों और संदेशों को पहुंचाने के लिए तेहरान के दौरों पर गए हैं.
ईरान की मुख्य शर्तें क्या हैं?
ईरान चाहता है कि विदेशों में उसकी फ्रीज की गई संपत्ति वापस मिले और अमेरिकी बंदरगाहों पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं.
