ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने संकेत दिया है कि तेहरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए खुला है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि यह तभी संभव है जब वॉशिंगटन अपनी मनमानी बंद करे और ईरान के लोगों के अधिकारों का सम्मान करे।

इस्लामाबाद में हुई बातचीत का क्या रहा नतीजा?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच करीब 21 घंटे तक लंबी चर्चा चली। यह बातचीत 12 अप्रैल 2026 को खत्म हुई, लेकिन दोनों देशों के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया। राष्ट्रपति Pezeshkian ने कहा कि ईरान पूरी गंभीरता और इरादे के साथ बातचीत में उतरा था, लेकिन अमेरिका का दोहरा रवैया इस रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है।

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

राष्ट्रपति Pezeshkian ने एक संतुलित और निष्पक्ष समझौते की मांग की है, जिससे वेस्ट एशिया क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के राष्ट्रीय हित और लोगों के अधिकार उनकी ‘रेड लाइन’ हैं। इसके अलावा, उन्होंने भविष्य में अमेरिका और इसराइल के हमलों से बचने के लिए ठोस गारंटी की मांग की है।

रूस और फ्रांस ने इस मुद्दे पर क्या कहा?

इस संकट को सुलझाने के लिए रूस और फ्रांस ने भी अपनी राय रखी है। रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने ईरान की मांगों का समर्थन किया है, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने तनाव कम करने के लिए एक बाध्यकारी समझौते पर जोर दिया है।

देश/नेता मुख्य बयान और रुख
Russia ईरान को युद्ध के नुकसान की भरपाई और सुरक्षा गारंटी मिलनी चाहिए।
France इस्लामाबाद चर्चा का इस्तेमाल करके तनाव कम करने वाला समझौता करें।
USA Donald Trump ने कहा कि सीजफायर तभी होगा जब Strait of Hormuz में शिपिंग खुलेगी।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.