अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े समझौते की खबरें तेज़ी से फैल रही हैं, लेकिन ईरान ने इन बातों को सिरे से खारिज कर दिया है। जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump एक ‘शानदार समझौते’ की बात कर रहे हैं, वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे महज एक अटकल बताया है। इस खींचतान के बीच दुनिया की नज़रें अब इस बात पर हैं कि क्या वाकई दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा या मामला और बिगड़ेगा।
Donald Trump का दावा और समझौते की शर्तें
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि एक बहुत बड़ा समझौता हो चुका है, जिस पर जल्द ही यूरोप में हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने इस डील को मंजूरी दे दी है। इस समझौते में कुछ मुख्य बातें शामिल हो सकती हैं:
- Strait of Hormuz को फिर से खोलना और ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नाकाबंदी हटाना।
- ईरान अगले 15 से 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) नहीं करेगा और परमाणु साइटों को खत्म कर देगा।
- बदले में अमेरिका धीरे-धीरे ईरान को आर्थिक मदद और राहत देगा।
ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने बातचीत में प्रगति को देखते हुए ईरान पर होने वाले नए सैन्य हमलों को रोक दिया है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते एक शुरुआती समझौता (Memorandum of Understanding) साइन होगा, जिसके बाद 60 दिनों तक विस्तार से बातचीत चलेगी।
ईरान ने दावों को बताया महज अफवाह
अमेरिकी दावों के ठीक उलट, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि किसी भी समझौते पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने साफ़ किया कि ऐसी खबरें सिर्फ अटकलें हैं। ईरान ने अपनी कुछ शर्तें और चिंताएं भी जताई हैं:
- ईरान ने कहा कि वह बातचीत के दौरान अपनी ‘रेड लाइन्स’ से समझौता नहीं करेगा।
- ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad-Baqer Ghalibaf ने साफ़ किया कि जब तक उनके लोगों को वास्तविक लाभ नहीं मिलते, तब तक किसी डील को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
- ईरानी अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अमेरिका के वादों पर भरोसा नहीं है क्योंकि अमेरिका अक्सर अपनी बात बदल लेता है।
तनाव और सैन्य कार्रवाई की स्थिति
एक तरफ बातचीत की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। US Central Command उन खबरों की जांच कर रहा है जिनमें कहा गया कि बुधवार को अमेरिकी हमलों में ईरान के दक्षिण में एक पानी की सुविधा को नुकसान पहुँचा है, जिससे करीब 20,000 नागरिक पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।
वहीं, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने संकेत दिया कि अमेरिका, ईरान के फ्रीज किए गए खातों से पैसा निकालेगा ताकि अमेरिकी सहयोगियों को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। इससे पहले अप्रैल में ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर उस पर हमला हुआ, तो वह बहुत ताकतवर जवाब देगा।
