अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ किया है कि दोनों देशों के बीच अभी कोई आखिरी समझौता नहीं हुआ है और संदेशों का आदान-प्रदान लगातार जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों के बाद ईरान की तरफ से यह आधिकारिक स्पष्टीकरण आया है, जिससे साफ होता है कि दोनों पक्षों में कई मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।

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ईरान और अमेरिका के बीच किस बात पर फंसा है पेंच?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 30 मई 2026 को बताया कि वर्तमान में बातचीत केवल युद्ध को समाप्त करने पर केंद्रित है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि इस चरण में परमाणु मुद्दे या यूरेनियम संवर्धन के विवरण पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। ईरान की मुख्य मांग है कि बातचीत को आगे बढ़ाने से पहले उसके 12 अरब डॉलर के फ्रीज किए गए फंड को तुरंत जारी किया जाए। इसके अलावा, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है कि समझौते के मसौदे में परमाणु सामग्री को नष्ट करने की बात शामिल है।

डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते को लेकर अपनी शर्तें सार्वजनिक की हैं। अमेरिकी प्रशासन की मुख्य शर्तों में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:

  • ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी टोल के जहाजों के लिए तुरंत खोला जाएगा।
  • जब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक किसी भी तरह के फंड का लेन-देन नहीं किया जाएगा।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इस संबंध में बयान दिया है कि दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं, लेकिन अभी तक पूरी तरह सहमति नहीं बनी है। ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक के बाद समझौते के मसौदे पर अंतिम फैसला सुरक्षित रख लिया है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति

इस पूरे मामले में पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों के प्रस्तावों का आदान-प्रदान करा रहा है। इससे पहले 8 अप्रैल 2026 को ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच एक संघर्षविराम हुआ था। हालांकि, लेबनान और इसराइल के बीच 17 अप्रैल को घोषित संघर्षविराम का पालन नहीं हो रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। ईरान का कहना है कि वह होर्मुज जलमार्ग के प्रबंधन को केवल ओमान के साथ मिलकर देखता है और इसमें किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई अंतिम समझौता हो गया है?

नहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 30 मई 2026 तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है और दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर अभी भी जारी है।

इस समझौते में ईरान की सबसे बड़ी मांग क्या है?

ईरान की मुख्य मांग है कि किसी भी अगले समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले उसके फ्रीज किए गए 12 अरब डॉलर के फंड को तुरंत जारी किया जाए।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या विवाद है?

ट्रंप चाहते हैं कि इस जलमार्ग को बिना किसी टोल टैक्स के जहाजों के लिए तुरंत खोला जाए, जबकि ईरान का कहना है कि इसका प्रबंधन केवल ईरान और ओमान के अधिकार क्षेत्र में आता है।