ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ कहा है कि उनका देश बातचीत और समझौते के लिए तैयार है। हालांकि, अमेरिका के साथ चल रहे तनाव ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ शांति की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ समंदर में जहाजों को जब्त किया जा रहा है। इस पूरे मामले में पाकिस्तान बीच-बचाव की कोशिश कर रहा है।

ईरान की बातचीत पर क्या है शर्त?

ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि वे बातचीत चाहते हैं, लेकिन इसके लिए अमेरिका को अपने वादे पूरे करने होंगे। उन्होंने बताया कि जब तक पाबंदियां और धमकियां बनी रहेंगी, तब तक असली बातचीत मुश्किल है। ईरान चाहता है कि बातचीत अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से हो ताकि उसके लोगों के हक सुरक्षित रहें। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि अमेरिका की मांगें अव्यावहारिक हैं और फिलहाल दूसरी दौर की बातचीत की कोई योजना नहीं है।

युद्ध विराम और Strait of Hormuz का क्या हाल है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान की रिक्वेस्ट पर युद्ध विराम को अनिश्चित काल के लिए आगे बढ़ा दिया है। लेकिन ईरान के संसदीय प्रवक्ता के सलाहकार Mahdi Mohammadi ने कहा कि इस फैसले का कोई मतलब नहीं है क्योंकि बंदरगाहों की नाकेबंदी अब भी जारी है। इसी बीच, ईरान की IRGC ने Strait of Hormuz में कंटेनर जहाजों पर हमला किया और दो जहाजों को कब्जे में ले लिया। अब करीब 30 देशों के सैन्य योजनाकार लंदन में बैठक कर रहे हैं ताकि इस समुद्री रास्ते को दोबारा खोला जा सके।

क्या जल्द होगी अमेरिका और ईरान की मुलाकात?

डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगले तीन दिनों के भीतर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस कोशिश की तारीफ की है और उम्मीद जताई है कि इस्लामाबाद में होने वाली दूसरी दौर की बातचीत से एक बड़ा शांति समझौता हो जाएगा। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के राजनीतिक और सैन्य गुटों के बीच अंदरूनी मतभेद हैं, जिससे अंतिम समझौते में दिक्कत आ सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.