ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परोक्ष बातचीत को लेकर बड़ी खबर आई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ बातचीत बहुत समय लेने वाली है क्योंकि दोनों देशों के बीच दुश्मनी पुरानी और गहरी है। पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता के बावजूद दोनों पक्षों में अभी कोई बड़ा समझौता नहीं हो पाया है और मतभेद काफी गहरे बने हुए हैं।

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ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में क्या हैं मुख्य अड़चनें?

ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस तनाव को सुलझाने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और कतर के प्रतिनिधि लगातार तेहरान में बातचीत कर रहे हैं। इसके बावजूद ईरान की ओर से कई शर्तें रखी गई हैं:

  • प्रतिबंध हटाना और जमी हुई संपत्ति को बहाल करना: ईरान का कहना है कि किसी भी समझौते के लिए उस पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और विदेशों में जमी हुई उसकी संपत्ति को वापस जारी करना पहली प्राथमिकता है।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ढील: ईरान ने समुद्री पाबंदियों को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की है।
  • सभी मोर्चों पर युद्धविराम: ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए सभी मोर्चों पर पूरी तरह से युद्धविराम होना जरूरी शर्त है।
  • अमेरिका की अत्यधिक मांगें: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस को बताया कि अमेरिका की जरूरत से ज्यादा मांगें ही इस शांति वार्ता में सबसे बड़ा रोड़ा हैं।

अमेरिका का क्या है रुख और क्या मिल रहे हैं संकेत?

एक तरफ जहां बातचीत चल रही है, वहीं अमेरिका का रुख भी काफी सख्त दिखाई दे रहा है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से आ रहे बयानों ने तनाव को और बढ़ा दिया है:

  • सैन्य हमलों पर विचार: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं और ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों पर भी विचार कर रहे हैं।
  • अन्य विकल्पों की चेतावनी: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि बातचीत में थोड़ी प्रगति जरूर हुई है, लेकिन हमें बहुत अधिक उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कूटनीति काम नहीं आई, तो अमेरिका के पास दूसरे विकल्प भी खुले हैं।
  • ईरान की सैन्य तैयारी: अमेरिका की इस चेतावनी के बाद ईरान की सेना ने भी बयान जारी कर कहा है कि वे दुश्मनों के किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कौन से देश कर रहे हैं?

ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता में मुख्य भूमिका पाकिस्तान निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तेहरान के दौरे पर गए हैं। इसके अलावा कतर भी दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।

बातचीत को लेकर ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

ईरान की मुख्य मांगें हैं कि उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाया जाए, विदेशों में उसकी रोकी गई संपत्ति को वापस जारी किया जाए और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री पाबंदियां खत्म की जाएं।