ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संकेत दिया है कि उनका देश अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि, इस डिप्लोमेसी के लिए ईरान ने वॉशिंगटन के सामने एक बड़ी शर्त रखी है।

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बातचीत के लिए ईरान की क्या शर्त है?

विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि ईरान डिप्लोमेसी के लिए तैयार है, लेकिन तभी जब अमेरिका अपनी विस्तारवादी सोच और धमकी देने वाले लहजे को बदल दे। यह बयान 1 मई 2026 को सामने आया। यह समय इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि उसी दिन अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए एक समय सीमा थी, जिसके तहत उन्हें ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने के लिए कांग्रेस से मंजूरी लेनी थी। इससे पहले 30 अप्रैल को रक्षा सचिव ने कहा था कि सैन्य हमले रुक गए हैं, लेकिन कई सांसदों ने बताया कि अमेरिकी सेना अब भी वहां सक्रिय है।

परमाणु कार्यक्रम और Strait of Hormuz पर क्या है रुख?

बातचीत के प्रस्ताव से पहले विदेश मंत्री Araghchi ने Russia, Pakistan और Oman का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ईरान की कुछ सख्त शर्तें और रेड लाइन्स साफ कीं:

  • परमाणु कार्यक्रम: ईरान ने अमेरिका की जीरो एनरिचमेंट की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि यूरेनियम एनरिचमेंट उनका कानूनी अधिकार है।
  • मिसाइल प्रोग्राम: ईरान का कहना है कि उसका मिसाइल प्रोग्राम सिर्फ देश की रक्षा के लिए है और इस पर कोई बातचीत नहीं होगी।
  • Strait of Hormuz: ईरान ने इस जलमार्ग को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन ईरान के आम लोगों का मानना है कि जब तक अमेरिका कोई बड़ा फायदा नहीं देता, इसे नहीं खोलना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत के लिए क्या शर्त रखी है?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि अमेरिका को अपनी विस्तारवादी सोच और धमकी भरे लहजे को बदलना होगा तभी बातचीत आगे बढ़ सकती है।

ईरान ने परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल प्रोग्राम पर क्या कहा है?

ईरान ने यूरेनियम की जीरो एनरिचमेंट की मांग को खारिज कर दिया है और साफ किया है कि उसका मिसाइल प्रोग्राम सिर्फ रक्षा के लिए है, इसलिए इस पर कोई समझौता नहीं होगा।