ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने अमेरिका की विदेश नीति पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने ANI को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि अमेरिका डिप्लोमेसी को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में शांति स्थापित होती है, तो Strait of Hormuz की स्थिति पहले से काफी बेहतर हो जाएगी।

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की मुख्य वजह क्या है?

ईरान ने अमेरिका पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। Deputy Foreign Minister ने बताया कि अमेरिका ने UN Security Council में एक ऐसा प्रस्ताव लाने की कोशिश की जो असल मुद्दे को मोड़ने का तरीका था। ईरान के मुताबिक:

  • सैन्य बेस: ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की आलोचना की और कहा कि वहां से ईरान पर हजारों हमले किए जाते हैं।
  • डिप्लोमेसी: अमेरिका को गंभीर बातचीत न करने वाला देश बताया गया।
  • सुरक्षा: ईरान ने कहा कि वह केवल अपने सुरक्षा हितों और महत्वपूर्ण हितों की रक्षा कर रहा है।

Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा के लिए क्या प्लान है?

समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए ईरान ने कुछ नए कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि Oman के साथ मिलकर मर्चेंट जहाजों के लिए एक नया ‘सर्विस-एंड-पेमेंट’ फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है। इसके मुख्य बिंदु ये हैं:

  • पारदर्शिता: शांति आने के बाद इस नए सिस्टम से जहाजों की आवाजाही में ज्यादा पारदर्शिता आएगी।
  • कानूनी नियम: ईरान ने कहा कि नेविगेशन की आजादी का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन इसे राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए।
  • भारत की मदद: ईरान ने बताया कि उसने अब तक 11 भारतीय जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित निकलने में मदद की है और आगे भी ऐसा करता रहेगा।

भारत और BRICS को लेकर ईरान का क्या कहना है?

ईरान ने भारत की भूमिका की काफी तारीफ की है। उन्होंने भारत को BRICS का एक निष्पक्ष चेयर बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी जिक्र किया कि हाल ही की एक BRICS मीटिंग में ईरान के खिलाफ एक पड़ोसी देश के दबाव के कारण सर्वसम्मति नहीं बन पाई, जिससे एक साझा घोषणा पत्र में दिक्कत आई। ईरान ने साफ किया कि वह भारत की अध्यक्षता का समर्थन करता है और BRICS की सफलता चाहता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में भारतीय जहाजों की स्थिति क्या है?

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री के अनुसार, ईरान ने अब तक 11 भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया है और वह भविष्य में भी भारत के जहाजों की मदद करने के लिए तैयार है।

ईरान और ओमान मिलकर क्या नया सिस्टम बना रहे हैं?

ईरान और ओमान मर्चेंट जहाजों के लिए एक सर्विस-एंड-पेमेंट आधारित ढांचा तैयार कर रहे हैं, ताकि शांति स्थापित होने के बाद जहाजों की आवाजाही सुरक्षित और पारदर्शी हो सके।