ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के व्यवहार को बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट बताया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले सैन्य हमले को फिलहाल टाल दिया है, जिससे दुनिया की नजरें अब डिप्लोमेसी पर टिकी हैं।
ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए और क्या है विवाद
तेहरान में पाकिस्तानी इंटीरियर मिनिस्टर मोहसिन नकवी के साथ मुलाकात के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका का व्यवहार विरोधाभासी और अत्यधिक है, जिसकी वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। अराघची के मुताबिक, अमेरिका बार-बार अपने वादों से मुकर जाता है, इसलिए ईरान को उस पर भरोसा नहीं है। उन्होंने साफ किया कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका को अपनी धमकी भरी भाषा और विस्तारवादी सोच बदलनी होगी। इसी बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी कहा कि वह सम्मान के साथ बातचीत करने के पक्ष में हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने हमला क्यों रोका और अब क्या होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 मई को ईरान पर एक बड़ा सैन्य हमला करने की योजना बनाई थी। हालांकि, कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों के अनुरोध के बाद ट्रंप ने इस हमले को टाल दिया है। ट्रंप ने संकेत दिया कि बिना युद्ध के समझौता होने की अच्छी संभावना है, लेकिन उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत फेल हुई तो अमेरिका बड़े पैमाने पर हमला करने के लिए तैयार है। अमेरिका की मुख्य शर्त यह है कि किसी भी समझौते में ईरान के परमाणु हथियार विकसित न करने की सख्त गारंटी होनी चाहिए।
पाकिस्तान के जरिए नया प्रस्ताव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मामला
- नया डिप्लोमैटिक प्रस्ताव: ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को 14 सूत्रीय नया प्रस्ताव भेजा है। इसका मकसद भरोसा बढ़ाना और टकराव खत्म करना है, जिसमें परमाणु मुद्दों पर चर्चा बाद में करने की बात कही गई है।
- समुद्री रास्ता और इंटरनेट: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने संकेत दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले इंटरनेट फाइबर ऑप्टिक केबलों के लिए परमिट सिस्टम लागू हो सकता है।
- PSGA का गठन: ईरान ने 17 मई 2026 को पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PSGA) बनाई है ताकि इस जलमार्ग पर नियंत्रण रखा जा सके।
- अमेरिकी विदेश विभाग में बदलाव: अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट में करियर डिप्लोमेट्स और ईरान विशेषज्ञों की बड़ी संख्या में छंटनी हुई है, जिससे कूटनीतिक कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मुख्य रुकावट क्या है?
ईरान के विदेश मंत्री के अनुसार, अमेरिका के विरोधाभासी व्यवहार और वादों को पूरा न करने की वजह से भरोसे की भारी कमी है, जो डिप्लोमेसी के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का फैसला क्यों बदला?
कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी सहयोगियों के अनुरोध के बाद ट्रंप ने 19 मई को होने वाले हमले को टाल दिया ताकि कूटनीतिक समाधान निकाला जा सके।
