दुनिया के सबसे अहम तेल रास्ते Hormuz Strait को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बड़ी बहस छिड़ गई है। ईरान का दावा है कि उसने इस रास्ते को समुद्री ट्रैफिक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है, जबकि अमेरिका इसे गलत बता रहा है। इस विवाद से पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ सकता है।
ईरान ने क्यों किया बंद करने का दावा
ईरानी समाचार एजेंसी Fars News Agency के मुताबिक, एक सैन्य सूत्र ने बताया कि Hormuz Strait अब जहाजों के लिए बंद है। IRGC Navy ने कहा कि जब तक अगली सूचना नहीं मिलती, किसी भी जहाज को यहाँ से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ईरान के Khatam al-Anbiya Central Headquarters ने बताया कि यह फैसला अमेरिका और इसराइल द्वारा ceasefire समझौते को तोड़ने के जवाब में लिया गया है। ईरान का कहना है कि इसराइल लगातार लेबनान में Hezbollah पर हमले कर रहा है, इसलिए यह कदम उठाया गया।
अमेरिका का क्या कहना है
दूसरी तरफ, अमेरिका और US Central Command (CENTCOM) ने ईरान के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि समुद्री ट्रैफिक बिना किसी रुकावट के चल रहा है। US Vice President JD Vance ने बताया कि 20 जून को करीब 16 मिलियन बैरल तेल इस रास्ते से गुजरा है।
CENTCOM ने जानकारी दी कि 20 जून को 55 कमर्शियल जहाजों ने Hormuz Strait को पार किया। राष्ट्रपति Donald Trump ने यह भी साफ किया कि 60 दिनों के ceasefire के दौरान इस रास्ते पर कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा।
चल रही हैं शांति वार्ता
इस तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि Switzerland में शांति बातचीत कर रहे हैं। इस बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच पिछले चार महीने से चल रहे विवाद को खत्म करना है। इस पूरी प्रक्रिया में Pakistan और Qatar मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि वे स्विट्जरलैंड में बातचीत के जरिए समझौतों को पूरा करने की कोशिश करेंगे, लेकिन अगर वादे पूरे नहीं हुए तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
