ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ आज के समय में असली लड़ाई आर्थिक मोर्चे पर चल रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों को लेकर स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। ईरान के राष्ट्रपति ने साफ किया है कि देश को इस आर्थिक जंग के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।

क्या ईरान और अमेरिका के बीच फिर से सीधी जंग होने वाली है?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक अधिकारी ने 27 मई 2026 को कहा कि अमेरिका के साथ दोबारा सीधी जंग होने की उम्मीद बहुत कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। वहीं ईरान के खुफिया मंत्रालय का कहना है कि उनके विरोधी अब सीधे हमले के बजाय हाइब्रिड वॉरफेयर यानी नए तरीकों से नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार अलर्ट पर है।

परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी हमलों पर ईरान का क्या रुख है?

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को लेकर किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। इससे पहले 26 मई 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की थी कि ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम तुरंत अमेरिका को सौंप देना चाहिए या फिर उसे नष्ट कर देना चाहिए। इसके साथ ही, 25 मई को अमेरिका द्वारा दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों पर किए गए हमलों को ईरान ने युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन बताया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका उनकी सीमाओं और संप्रभुता का सम्मान करे।

समझौते को लेकर क्या शर्तें रख रहा है ईरान?

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने के लिए बातचीत बहुत ही नाजुक मोड़ पर है। ईरान इस समझौते के लिए कुछ मुख्य शर्तें रख रहा है:

  • ईरान मांग कर रहा है कि विदेशों में रोके गए उसके पैसों को तुरंत वापस किया जाए।
  • ईरान पर लगे सभी तरह के आर्थिक प्रतिबंधों को हटाया जाए।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा चल रही है।

ईरान का कहना है कि वह इन रोके गए पैसों का इस्तेमाल अपने मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को बेहतर बनाने के लिए करेगा, जिससे भविष्य में किसी भी बाहरी खतरे का सामना किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका के साथ लड़ाई को लेकर क्या कहा है?

राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका के साथ आज के समय में मुख्य मुकाबला आर्थिक मोर्चे पर है और देश के लिए यही सबसे बड़ा युद्धक्षेत्र है।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रंप ने क्या मांग की थी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की थी कि ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम तुरंत अमेरिका को सौंप दे या फिर जांच के साथ इसे नष्ट करे, लेकिन ईरान ने बातचीत से साफ मना कर दिया है।