ईरान, अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान ने शांति की कोशिश करते हुए अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है, लेकिन यूरोप ने साफ कह दिया है कि जब तक ईरान अपनी नीतियों में बड़ा बदलाव नहीं करता, उस पर लगी पाबंदियां नहीं हटेंगी। दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह मामला बातचीत से सुलझेगा या तनाव और बढ़ेगा।

ईरान ने अमेरिका को क्या ऑफर दिया और अमेरिका का क्या जवाब था?

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में ईरान ने Strait of Hormuz को दोबारा खोलने और चल रहे संघर्ष को खत्म करने की बात कही है। हालांकि, ईरान चाहता है कि उसके परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) पर बातचीत बाद में की जाए।

  • Donald Trump का रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कर दिया कि वह अभी कोई बातचीत टीम नहीं भेज रहे हैं।
  • शर्त: उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना जरूरी होगा।
  • ईरान का दावा: ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि पिछली बातचीत इसलिए फेल हुई क्योंकि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा थीं।

यूरोप ने पाबंदियां हटाने से क्यों किया इनकार?

यूरोपीय आयोग की প্রেসিডেন্ট Ursula von der Leyen ने सोमवार को कहा कि ईरान पर से पाबंदियां हटाने के बारे में सोचना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाबंदियां तभी हटेंगी जब तेहरान की नीतियों में “मौलिक बदलाव” (fundamental change) आएगा।

यूरोप का कहना है कि ईरान अपनी ही जनता का दमन कर रहा है और वहां मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है, इसी वजह से पाबंदियां जारी रहेंगी।

ईरान के अंदर क्या चल रहा है और अन्य बड़े अपडेट्स क्या हैं?

ईरान में इस वक्त हालात काफी तनावपूर्ण हैं और सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं:

  • इंटरनेट ब्लैकआउट: ईरान में पिछले 59 दिनों से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है, जिससे देश दुनिया से कटा हुआ है।
  • स्टील एक्सपोर्ट पर रोक: ईरान ने 30 मई तक स्टील स्लैब और शीट के निर्यात पर रोक लगा दी है।
  • रूस से मुलाकात: ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi सोमवार को राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात करने रूस पहुंचे हैं।
  • मिलिट्री चेतावनी: ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने नौसैनिक नाकेबंदी या आक्रामक कार्रवाई की, तो उसका जवाब बहुत कड़ा होगा।