अमेरिका और ईरान के बीच पिछले साढ़े तीन महीने से चल रही जंग अब खत्म होने वाली है। दोनों देशों ने एक समझौते पर सहमति जताई है, जिस पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक तौर पर साइन किए जाएंगे। इस खबर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राहत मिली है।

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समझौते की मुख्य बातें

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Majid Takht-Ravanchi ने बताया कि MoU साइन होने के तुरंत बाद अंतिम डील के लिए बातचीत शुरू हो जाएगी। विदेश मंत्री Abbas Araghchi के मुताबिक, यह बातचीत 19 जून 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।

  • सीजफायर: दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्ध विराम लागू होगा।
  • होर्मुज़ जलडमरूमध्य: Strait of Hormuz को फिर से खोला जाएगा और इसे पूरी तरह से टोल-फ्री रखा जाएगा।
  • फ्रीज्ड एसेट्स: ईरान की जो संपत्ति विदेशों में जमी हुई थी, उसे वापस रिलीज किया जाएगा।
  • सैन्य कार्रवाई: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य ऑपरेशन बंद होंगे और अमेरिका इसकी जिम्मेदारी लेगा।

अमेरिका और ईरान का रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ किया कि अमेरिका ईरान में कोई पैसा निवेश नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस डील का मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने ऐसा किया, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे।

इस पूरी शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। स्विट्जरलैंड में होने वाली साइनिंग के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और उपराष्ट्रपति J.D. Vance मौजूद रहेंगे।

आने वाले समय में दोनों देश यूरेनियम संवर्धन और ईरान की परमाणु ऊर्जा जरूरतों जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com