अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत एक बार फिर बड़ी मुसीबत में फंस गई है। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसके ब्लॉक किए गए अरबों डॉलर के फंड को नहीं छोड़ा जाता, तब तक वह वाशिंगटन के साथ कोई भी समझौता नहीं करेगा। सऊदी अरब की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर गहरा गतिरोध पैदा हो गया है और कतर जैसे मध्यस्थ देश इस दूरी को पाटने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान ने पैसे जारी करने के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा है कि कोई भी संभावित समझौता तभी हो सकता है जब अमेरिकी प्रशासन लगभग 24 अरब डॉलर की फ्रीज की गई ईरानी संपत्ति को जारी करने पर सहमत हो। रेजाई के मुताबिक, यह ईरान का अपना पैसा है और बातचीत में यह सबसे बड़ा अड़ंगा बना हुआ है।
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने इस पर और कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की है कि समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते ही कम से कम 50 प्रतिशत यानी 12 अरब डॉलर का फंड तुरंत मिलना चाहिए। बाकी की बची रकम भी एक या दो महीने के भीतर मिलनी चाहिए। इसके साथ ही ईरान ने लेबनान में युद्धविराम और समुद्री नाकाबंदी खत्म करने की शर्त भी जोड़ी है।
अमेरिका का इस पूरे विवाद पर क्या स्टैंड है?
दूसरी ओर अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वे तुरंत नकद पैसा जारी नहीं कर सकते। अमेरिका चाहता है कि प्रतिबंधों में राहत और फंड जारी करने की प्रक्रिया को ईरान के द्वारा उठाए जाने वाले ठोस कदमों से जोड़ा जाए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मध्यस्थों को साफ बता दिया है कि वह औपचारिक समझौते से पहले ईरान को कोई भी पैसा देने के खिलाफ हैं।
मध्यस्थ देश कैसे सुलझा रहे हैं यह विवाद?
दोनों देशों के बीच गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत का दौर जारी है। मध्यस्थों की तरफ से एक प्रस्ताव यह दिया गया था कि एक मानवीय फंड बनाया जाए जिससे ईरान केवल दवा, भोजन और कृषि संबंधी सामान खरीद सके, लेकिन ईरान सीधे नकद पैसे के इस्तेमाल की जिद पर अड़ा है। वहीं एक और प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय निगरानी के तहत एक विशेष फंड बनाकर धीरे-धीरे पैसा जारी करने का सुझाव दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान अमेरिका से कितनी रकम जारी करने की मांग कर रहा है?
ईरान अमेरिका से अपने फ्रीज किए गए करीब 24 अरब डॉलर के फंड को तुरंत जारी करने की मांग कर रहा है, जिसमें से कम से कम 50 फीसदी राशि वह समझौता होते ही चाहता है।
इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का क्या रुख है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ किया है कि वह औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने से पहले ईरान को कोई भी पैसा जारी करने के पक्ष में नहीं हैं।
