अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में एक बड़ी खबर आई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके जाम हुए पैसों को वापस पाने का तरीका तय हो गया है। इस पूरी प्रक्रिया में ईरान के सेंट्रल बैंक की मदद ली गई है।

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17 जून 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil ने बताया कि ब्लॉक किए गए एसेट्स को अनफ्रीज करने का सिस्टम अब पूरी तरह तैयार है। इसी दिन डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने 14 पॉइंट्स वाले एक समझौते का टेक्स्ट जारी किया। राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे अमेरिका के लिए एक बड़ी जीत बताया और कहा कि अमेरिका को अंत में ईरान की संपत्ति वापस करनी होगी।

समझौते की शर्तें और नियम

अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि यह डील “पे-फॉर-परफॉरमेंस” के आधार पर होगी। इसका मतलब है कि जब तक ईरान अपनी शर्तों को पूरा नहीं करता, तब तक कोई भी पैसा जारी नहीं किया जाएगा। अमेरिका ने यह भी कहा है कि इस पैसे का इस्तेमाल सिर्फ मानवीय कामों जैसे खाना और दवाई मंगवाने के लिए होगा। इसकी निगरानी भी सख्ती से की जाएगी और पैसा सीधे सरकार को देने के बजाय तीसरे देश के अकाउंट या एस्क्रो अकाउंट के जरिए दिया जा सकता है।

पैसे को लेकर अलग-अलग दावे

विवरण ईरान का दावा / जानकारी अमेरिका का पक्ष
कुल रकम कम से कम 12 अरब डॉलर वापस मिलेंगे बिना शर्त कोई पैसा नहीं मिलेगा
प्रारंभिक राशि 24 अरब डॉलर का आधा हिस्सा बातचीत से पहले मिल सकता है शून्य एसेट्स जब तक ईरान काम न करे
पैसे का उपयोग सामान्य उपयोग सिर्फ मानवीय सहायता (दवा और भोजन)
सहमति का आधार 14-पॉइंट MOU पे-फॉर-परफॉरमेंस मॉडल
प्रक्रिया सेंट्रल बैंक के साथ फाइनल म्युचुअल एग्रीमेंट और सख्त निगरानी

इस पूरी बातचीत में Oman और Qatar ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। इससे पहले 13 जून को भी ईरान ने कहा था कि फंड्स का रिलीज होना किसी भी समझौते का सबसे जरूरी हिस्सा होगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.