ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की नेवल ब्लॉकेड यानी समुद्री नाकेबंदी का कड़ा विरोध किया है। ईरान के राजदूत अमीर-सैयद इरावानी ने कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में स्थिरता तभी आएगी जब ईरान के जायज़ अधिकारों का सम्मान होगा और हमले बंद होंगे। यह बयान अमेरिका द्वारा नाकेबंदी शुरू करने के तीन दिन बाद आया है।

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अमेरिका की नेवल ब्लॉकेड पर क्या है विवाद?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान पर दबाव बनाने के लिए समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया था। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ बताया है। ईरान का कहना है कि वह हमेशा से समुद्री सुरक्षा का समर्थन करता रहा है, लेकिन अमेरिका की यह कार्रवाई पूरी तरह गैरकानूनी है।

तनाव को बढ़ाने वाली मुख्य घटनाएं क्या हैं?

अमेरिका ने जहाजों को रोकने के लिए USS Abraham Lincoln जैसे युद्धपोतों को तैनात किया है और अब इस नाकेबंदी का दायरा पूरी दुनिया में ईरान से जुड़े जहाजों तक बढ़ा दिया गया है। वहीं, ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों को खतरा हुआ, तो पूरे क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।

तारीख घटना
28 फरवरी 2026 अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत
19 मार्च 2026 हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिकी हवाई अभियान शुरू
11-12 अप्रैल 2026 पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल
13 अप्रैल 2026 अमेरिका द्वारा नेवल ब्लॉकेड लागू किया गया
15 अप्रैल 2026 दो हफ्ते का युद्ध विराम समाप्त हुआ
16 अप्रैल 2026 ईरानी राजदूत का बयान और अमेरिका द्वारा ब्लॉकेड का विस्तार
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.