ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए एक बार फिर बातचीत शुरू हुई है। इस बार पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ यानी बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे को संदेश और ड्राफ्ट भेज रहे हैं ताकि किसी समझौते पर पहुंचा जा सके। इस बीच पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर भी इस मामले को सुलझाने के लिए तेहरान जा रहे हैं।

पाकिस्तान की भूमिका और अब तक क्या हुआ

पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच एक सेतु का काम कर रहा है। 21 मई 2026 को पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir तेहरान पहुंचेंगे ताकि बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। इससे पहले 20 मई को पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Syed Mohsin Reza Naqvi तेहरान गए थे और वहां ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और अन्य बड़े अधिकारियों से मुलाकात की थी।

  • 25 अप्रैल 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी आर्मी चीफ से मुलाकात की थी।
  • 8 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के लिए युद्ध विराम किया गया था ताकि शांति की कोशिशें की जा सकें।
  • ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा है कि अमेरिका के नए प्रस्तावों की समीक्षा की जा रही है।

ईरान और अमेरिका की मुख्य शर्तें क्या हैं

दोनों देशों के बीच बातचीत तो हो रही है, लेकिन शर्तें काफी कठिन हैं। ईरान ने अपनी शांति योजना के लिए एक 14-सूत्रीय ढांचा तैयार किया है। ईरान का कहना है कि जब तक आर्थिक पाबंदियां और सैन्य धमकी खत्म नहीं होगी, बातचीत आगे नहीं बढ़ सकती। वहीं अमेरिका की अपनी कुछ सख्त मांगें हैं।

  • ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Mojtaba Khamenei ने आदेश दिया है कि ईरान का यूरेनियम विदेश नहीं भेजा जाएगा, जो अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि उन्हें ईरान के वार्ताकारों से काफी उम्मीदें हैं, लेकिन वे 100 प्रतिशत सही जवाब चाहते हैं।
  • अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि कुछ अच्छे संकेत मिल रहे हैं, लेकिन अभी पूरी तरह खुश होने का समय नहीं आया है।
  • ईरान ने अपनी जमा पूंजी वापस लेने और समुद्री जहाजों पर हमलों को रोकने की मांग की है।

Strait of Hormuz और सुरक्षा की स्थिति

समुद्री व्यापार के लिहाज से Strait of Hormuz बहुत महत्वपूर्ण है। हाल के 24 घंटों में यहाँ से करीब 26 से 31 जहाजों का गुजरना देखा गया है, जो युद्ध से पहले के मुकाबले बहुत कम है। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने संकेत दिया है कि अगर सुरक्षा को खतरा हुआ, तो ईरान अपनी रक्षा के लिए कड़े कदम उठा सकता है। दूसरी ओर, अमेरिका का दावा है कि इस जलमार्ग पर उनका पूरा नियंत्रण है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका की बातचीत में पाकिस्तान का क्या काम है?

पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ और आंतरिक मंत्री तेहरान जाकर दोनों देशों के बीच संदेश पहुँचा रहे हैं ताकि युद्ध को रोका जा सके और शांति समझौता हो।

यूरेनियम को लेकर विवाद क्या है?

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम स्टॉक वापस करे, लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता ने साफ कह दिया है कि यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा।