ईरान और अमेरिका के बीच शांति के लिए हुआ इस्लामाबाद समझौता (MoU) फिलहाल संकट के दौर से गुजर रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 13 जुलाई 2026 को यह जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने 17 जून 2026 को हुए इस समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया और शुरुआत से ही नियमों को तोड़ा है।
समझौते का उल्लंघन और विवाद
ईरान का कहना है कि उन्होंने समझौते की 14 शर्तों को पूरा करने की पूरी कोशिश की, लेकिन दूसरी ओर से लगातार उल्लंघन किया गया। ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिका ने तेल निर्यात छूट को रद्द कर दिया और सैन्य हमले जारी रखे, जो समझौते की धारा 10 और धारा 1 व 2 का सीधा उल्लंघन है। ईरान ने स्पष्ट किया कि उनकी नीति ‘वादे के बदले वादा’ की है।
अमेरिका का पक्ष और तनावपूर्ण स्थिति
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 12 जुलाई 2026 को दावा किया कि अमेरिका ने ईरान पर कड़ा प्रहार किया है। CENTCOM ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता अभी भी खुला है और ईरान का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। इस बीच, मध्यस्थता करने वाले देश पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। फिलहाल इस तनाव के चलते क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
