ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता हुआ था। लेकिन अब ईरान का कहना है कि इसराइल इस समझौते को फेल करने की कोशिश कर रहा है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं।

गालिबाफ ने कहा कि इसराइल जानबूझकर उस 14 सूत्रीय ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) को खत्म करना चाहता है, जिस पर तेहरान और वॉशिंगटन ने दस्तखत किए थे। उन्होंने इस समझौते को अमेरिका और इसराइल की हार का दस्तावेज बताया।

क्या है यह समझौता और कब हुआ

यह समझौता 2026 के ईरान युद्ध को समाप्त करने और भविष्य की बातचीत के लिए बनाया गया था। इसे 14 जून 2026 को तैयार किया गया और 17 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर साइन किया गया। इस दस्तावेज़ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने हस्ताक्षर किए थे। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान ने मुख्य भूमिका निभाई और कतर, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र ने भी मदद की।

समझौते की मुख्य बातें

  • सभी मोर्चों पर, जिसमें लेबनान भी शामिल है, सैन्य अभियान तुरंत और स्थायी रूप से बंद करना।
  • अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाना।
  • ईरान की मदद के लिए अमेरिका द्वारा पुनर्निर्माण हेतु कम से कम 300 अरब डॉलर का प्लान देना।
  • अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटाना।
  • ईरान का वादा कि वह परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।
  • होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से व्यावसायिक जहाजों के आवागमन को 60 दिनों तक मुफ्त रखना।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाएई ने राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर की पुष्टि की थी। वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस समझौते की डिजिटल साइनिंग की घोषणा की थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की अनुमति तो दी, लेकिन चेतावनी भी दी कि अगर अंतिम समझौता संतोषजनक नहीं रहा तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो सकती है।

ईरान के संसद अध्यक्ष गालिबाफ ने 1 जुलाई 2026 को दोबारा आरोप लगाया कि इसराइल इस शांति प्रक्रिया को रोकना चाहता है क्योंकि वह इसे अपने लिए खतरा मानता है। ईरान का कहना है कि लेबनान में इसराइल के हवाई हमले इसी साजिश का हिस्सा हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.