ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब खत्म हो सकती है. ईरान के विदेश मंत्री ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच एक बड़ा समझौता होने वाला है. इस समझौते को ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ कहा जा रहा है, जो क्षेत्र में युद्ध को रोकने में मददगार साबित हो सकता है.

🚨: अमेरिका-ईरान डील पर बड़ा अपडेट, JD Vance बोले बिना शर्तों को पूरा किए नहीं मिलेगा पैसा, तेल की कीमतों में आई गिरावट

समझौते की ताज़ा स्थिति

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को एक बयान दिया. उन्होंने बताया कि समझौता अब अपने अंतिम चरण में है और यह पहले से कहीं ज़्यादा करीब है. उन्होंने मीडिया से अपील की कि जब तक सब कुछ फाइनल नहीं हो जाता, तब तक इस बारे में अंदाज़े न लगाए जाएं. उन्होंने भरोसा दिया कि ईरान पूरी पारदर्शिता रखेगा और सारी जानकारी जल्द ही सबके सामने रखी जाएगी.

डोनाल्ड ट्रंप का दावा और ईरान की सफाई

इस मामले में विरोधाभास भी देखने को मिला. 11 जून 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा था कि ईरान के साथ विवाद सुलझ गया है और कुछ ही दिनों में इस पर हस्ताक्षर होंगे. हालांकि, ईरान की सरकार और उनकी बातचीत करने वाली टीम ने इस खबर को पूरी तरह गलत बताया. ईरान के अधिकारियों ने कहा कि अभी उनकी आंतरिक समीक्षा और फैसले लेने की प्रक्रिया चल रही है.

समझौते में आईं रुकावटें

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि समझौते का मसौदा यानी टेक्स्ट लगभग तैयार था. लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि वॉशिंगटन के बदलते और विरोधाभासी बयानों की वजह से कूटनीतिक प्रक्रिया में बार-बार बाधा आई. यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से तैयार किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों को रोकना है.