अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है। पाकिस्तान की कोशिशों के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत का दूसरा दौर होना था, लेकिन ईरान ने अभी तक अपनी सहमति नहीं दी है। कल सुबह 4:50 बजे सीजफायर यानी युद्धविराम की समय सीमा भी खत्म हो जाएगी, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।

ईरान की तरफ से क्या अपडेट है और पाकिस्तान क्या कह रहा है?

पाकिस्तान के सूचना मंत्री Attaullah Tarar ने बताया कि ईरान से अभी तक औपचारिक जवाब नहीं आया है कि उनका प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद आएगा या नहीं। पाकिस्तान इस बातचीत के लिए बीच-बचाव कर रहा है और ईरान के संपर्क में है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय और राज्य टेलीविजन ने कहा है कि अभी तक कोई प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद नहीं पहुँचा है और न ही कोई फैसला लिया गया है। ईरान का मानना है कि अमेरिका को अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा तभी बातचीत संभव है।

सीजफायर कब खत्म होगा और अमेरिका का क्या कहना है?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा दो हफ्ते का सीजफायर बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को सुबह 4:50 बजे खत्म हो जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि वे इस सीजफायर को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समय पर कोई समझौता नहीं हुआ, तो बमबारी शुरू हो सकती है। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance को अमेरिकी टीम का नेतृत्व करना है, लेकिन उनकी रवानगी को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट क्या है?

ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के एक कार्गो जहाज को जब्त किया है, जिसे ईरान ने ‘समुद्री आतंकवाद’ करार दिया है। ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Qalibaf ने कहा है कि वे धमकियों के साये में कोई समझौता नहीं करेंगे। दूसरी ओर, इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि अगर बातचीत शुरू हो तो सब कुछ व्यवस्थित रहे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.