मध्य पूर्व में तनाव के बीच 1 मार्च 2026 को ईरान पर बड़े हवाई हमले हुए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार इन हमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की बेटी, दामाद और पोते-पोती की मौत हो गई है। इस घटना के बाद ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके प्रभाव से हवाई क्षेत्र और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं।

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हमले में हुए नुकसान और मुख्य अपडेट

अमेरिकी और इज़रायली सेना ने इस संयुक्त कार्रवाई को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ का नाम दिया है। हमलों में अब तक ईरान के 24 प्रांतों में भारी नुकसान की खबर है। ईरानी रेड क्रीसेंट ने पुष्टि की है कि इन हमलों में कम से कम 201 लोगों की जान गई है और 747 लोग घायल हुए हैं। सर्वोच्च नेता के परिवार के अलावा सात वरिष्ठ रक्षा नेताओं के भी मारे जाने का दावा किया जा रहा है। ईरान के होर्मोज़गन प्रांत में एक स्कूल पर हुए हमले में 85 लोगों की मौत की खबर आई है।

खाड़ी देशों और हवाई उड़ानों पर क्या असर पड़ा?

ईरान ने इस हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ शुरू किया है जिसके तहत बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी गई हैं। इसका सीधा असर वहां रह रहे प्रवासियों पर पड़ा है।

  • ईरान, इराक और यूएई के कुछ हिस्सों में हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
  • अबू धाबी में मिसाइल के मलबे से एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है।
  • विदेशी मंत्रालयों ने इस क्षेत्र में केवल जरूरी यात्रा करने की सलाह जारी की है।
  • ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत में भारी गिरावट आई है जिससे वहां महंगाई बढ़ गई है।

विभिन्न देशों और संगठनों के बयान

देश/संगठन आधिकारिक बयान
अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ईरानी जनता के लिए देश वापस पाने का मौका बताया है।
इज़राइल प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि तेहरान में खामेनेई का परिसर पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
ईरान ईरान के विदेश मंत्री ने इन खबरों को मनोवैज्ञानिक युद्ध बताया और जवाबी हमले शुरू किए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा की है।