ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है. अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान के करज शहर में स्थित मशहूर बी1 (B1) पुल को निशाना बनाया है, जिसमें आठ आम नागरिकों की जान चली गई है और लगभग 95 लोग घायल हुए हैं. इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे इसराइल और अमेरिका का युद्ध अपराध करार दिया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है.

हमले में कितना नुकसान हुआ और क्या है ताजा आंकड़े?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और सोशल मीडिया पर पुल के गिरने का वीडियो भी साझा किया है. ईरान के अधिकारियों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब लोग वहां छुट्टी मना रहे थे. हमले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:

विवरण जानकारी
पुल का नाम बी1 (B1) ब्रिज, करज
पुल की लंबाई लगभग 1,000 मीटर
निर्माण लागत 400 मिलियन डॉलर
मृतकों की संख्या 8 नागरिक
घायलों की संख्या 95 लोग

ईरान के अनुसार, यह पुल एक नागरिक ढांचा था और इसका सेना से कोई लेना-देना नहीं था. हमले के समय कई लोग पुल के नीचे और नदी के किनारे प्रकृति दिवस (Nature Day) मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे. इसके अलावा तेहरान के पाश्चर इंस्टीट्यूट पर भी हमला किया गया है, जिसे ईरान ने मानवीय मूल्यों पर हमला बताया है.

ईरान की सरकार और सेना ने क्या चेतावनी दी है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस हमले को ISIS की शैली वाला आतंकवाद बताया है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन और रेड क्रॉस से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. ईरान की सेना ने साफ तौर पर कहा है कि अगर अमेरिका ने उनके बुनियादी ढांचे को और नुकसान पहुँचाया, तो वे पूरे खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी संपत्तियों और उनके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएंगे. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना इसराइल और अमेरिका के नैतिक पतन को दिखाता है और इससे ईरानी लोग घुटने नहीं टेकेंगे. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि ईरान ने उन देशों को भी चेतावनी दी है जो अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मेजबानी कर रहे हैं.