ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इसराइल को कड़ा संदेश भेजा है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर किसी भी एक मोर्चे पर सीजफायर यानी युद्धविराम का उल्लंघन हुआ, तो इसे सभी मोर्चों पर उल्लंघन माना जाएगा। इसमें लेबनान का मोर्चा भी शामिल है। ईरान ने साफ कर दिया है कि किसी भी उल्लंघन के बाद होने वाले गंभीर नतीजों के लिए पूरी तरह से अमेरिका और इसराइल ही जिम्मेदार होंगे।
लेबनान में सीजफायर को लेकर ईरान ने क्या रखी है शर्त?
ईरान का मानना है कि लेबनान में सीजफायर होना बहुत जरूरी है और यह अमेरिका के साथ किसी भी बड़े समझौते की पहली शर्त है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा है कि उनका देश लेबनान की हर संभव मदद करेगा। इस बीच, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने अमेरिका पर सीजफायर नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया है। गालिबफ ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी और लेबनान में तनाव बढ़ाना सीजफायर का उल्लंघन है। बता दें कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल 2026 को सीजफायर लागू हुआ था, जिसे बाद में 21 अप्रैल को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया था।
इसराइल की सैन्य कार्रवाई और अमेरिका का नया प्लान क्या है?
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को लेबनान के बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज करने के आदेश दिए हैं। इसराइली सेना ने लेबनान के ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले पर भी कब्जा कर लिया है। इस बिगड़ते हालात को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात करके एक नया प्लान पेश किया है। इस प्लान के तहत हिजबुल्लाह को हमले रोकने होंगे और बदले में इसराइल बेरूत में बमबारी बंद करेगा। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच अब भी भारी अविश्वास का माहौल है और दोनों तरफ से एक-दूसरे के ठिकानों पर सैन्य हमले जारी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर कब लागू हुआ था?
दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल 2026 को सीजफायर लागू हुआ था, जिसे बाद में 21 अप्रैल 2026 को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया था।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्या प्रस्ताव दिया है?
अमेरिकी विदेश मंत्री ने एक शांति योजना का प्रस्ताव दिया है जिसके तहत हिजबुल्लाह को इसराइल पर हमले रोकने होंगे और इसराइल को बेरूत में अपनी सैन्य कार्रवाई बंद करनी होगी।
