US-Israel हमले में ईरान के 3,375 लोग मारे गए, ट्रंप ने दी बिजली घरों और पुलों को तबाह करने की धमकी

ईरान में अमेरिकी और इसराइली हमलों ने भारी तबाही मचाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस जंग में अब तक 3,375 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है और दुनिया भर की नज़रें अब इस विवाद पर टिकी हैं।

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ईरान में कितने लोग मारे गए और क्या है पूरा मामला?

ईरान के लीगल मेडिसिन ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख अब्बास मस्जिद ने बताया कि 28 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच अमेरिकी और इसराइली हमलों में 3,375 लोग मारे गए। इनमें से कई लोग मासूम नागरिक, बच्चे और बुजुर्ग थे। 28 फरवरी को मीनाब के एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में 160 से ज़्यादा बच्चे मारे गए। हमलों में इस्तेमाल हुए मिसाइलों और बमों की वजह से करीब 40 प्रतिशत शवों की पहचान करना मुश्किल था।

विवरण आंकड़े/जानकारी
कुल मौतें (लीगल मेडिसिन) 3,375
कुल मौतें (फाउंडेशन ऑफ मार्टियर्स) 3,468
मारे गए पुरुषों की संख्या 2,875
मारे गई महिलाओं की संख्या 496
18 साल से कम उम्र के बच्चे 383
मीनाब स्कूल हमला (बच्चे) 160 से ज़्यादा
घटना की समय सीमा 28 फरवरी से 10 अप्रैल 2026

अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है, जिसे ईरान ने युद्ध अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक कोई समझौता नहीं होता, यह नाकेबंदी जारी रहेगी। ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ईरान उनकी शर्तों को नहीं मानता, तो वह ईरान के हर पावर प्लांट और पुल को तबाह कर देंगे। अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरान का एक मालवाहक जहाज़ ‘तौस्का’ भी ज़ब्त कर लिया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने साफ़ कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ पाकिस्तान में होने वाली बातचीत के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं भेजेंगे। ईरान का कहना है कि अमेरिका सीज़फायर (युद्धविराम) का पालन नहीं कर रहा है और अमेरिकी नौसेना ने ईरानी कमर्शियल शिप पर हमला किया है।

इसराइल की वर्तमान स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है?

इसराइल के सुरक्षा मंत्री इसराइल काटज़ ने हमलों के बाद देश में विशेष आपातकाल लागू कर दिया है। इसराइली सेना ने ‘एसेंशियल अलर्ट’ जारी किया है, जिसके तहत भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों और कुछ शैक्षिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाला समय अनिश्चित है।

दूसरी ओर, 87 अंतरराष्ट्रीय वकीलों ने एक संयुक्त बयान जारी कर अमेरिकी और इसराइली हमलों की निंदा की है। इन वकीलों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन और आक्रामक युद्ध करार दिया है। पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच सीज़फायर कराने की कोशिश की थी, लेकिन ईरान का दावा है कि अमेरिका ने इस समझौते को तोड़ दिया है।