ईरान ने अमेरिका और इसराइल को दी चेतावनी, कहा दुनिया की शांति के लिए खतरा है यह हमला

ईरान ने एक बार फिर अमेरिका और इसराइल पर तीखा हमला बोला है। ईरान के एक मंत्री ने कहा है कि इन दोनों देशों की आक्रामक हरकतें पूरी दुनिया और इस इलाके की शांति को खतरे में डाल रही हैं। इस मामले में ईरान के कई बड़े नेताओं ने अपनी बात रखी है और चेतावनी दी है कि ऐसी कार्रवाइयां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगाए?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि ईरान ने जो भी सैन्य कदम उठाए वो अपनी रक्षा के लिए थे। उन्होंने UN Charter के Article 51 का हवाला देते हुए बताया कि यह उनका कानूनी हक था। उन्होंने अरब लीग के उस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया जिसमें ईरान की आलोचना की गई थी। प्रवक्ता ने क्षेत्रीय सरकारों को चेतावनी दी कि वे अपने इलाके का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले के लिए न होने दें।

ईरान के बड़े नेताओं और सेना ने क्या चेतावनी दी?

इस्लामी क्रांति के नेता Ayatollah Seyyed Mojtaba Khamenei ने कहा कि ईरान के लोग पूरी तरह एकजुट हैं और इसी वजह से दुश्मन की साजिशें नाकाम हुई हैं। वहीं, IRGC ने अपनी मिसाइलों की परेड निकाली और अमेरिका और इसराइल को चेतावनी दी कि किसी भी हमले का जवाब तुरंत और सटीक तरीके से दिया जाएगा। Sadegh Larijani ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान के अधिकारियों के बीच फूट डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या स्थिति रही?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि Strait of Hormuz में किसी भी अस्थिरता के लिए अमेरिका और इसराइल पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। इससे पहले रूस, पाकिस्तान और क्यूबा जैसे देशों ने भी अमेरिका और इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों की निंदा की थी। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि अमेरिका और इसराइल को उनकी इन हरकतों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।