ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इज़राइल पर ‘शैतानी जंग’ थोपने का बड़ा आरोप लगाया है। प्रवक्ता इस्माइल बघाई के अनुसार अमेरिका ने ओमान की मध्यस्थता वाली बातचीत को धोखा दिया है और इस टकराव से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हो गई है। इसी बीच ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद मुजतबा खामेनेई (Ayatollah Seyed Mojtaba Khamenei) के पूरी तरह सुरक्षित होने की आधिकारिक पुष्टि की है। सरकारी बयानों के अनुसार उन पर हुए हमलों की खबरें केवल अफवाह मात्र हैं।

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ईरान ने अमेरिका की कूटनीति और युद्धविराम के दावों पर क्या कहा?

ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि अब कोई भी अमेरिकी कूटनीति पर भरोसा नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका बातचीत के बहाने केवल अपनी इच्छाएं दूसरों पर थोपता है और दबाव बनाता है। ईरान का दावा है कि वह अमेरिका के साथ ओमान के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत में शामिल था लेकिन उसी दौरान उन पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया गया। इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे को भी पूरी तरह गलत बताया है जिसमें कहा गया था कि ईरान ने युद्धविराम की मांग की है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और हालिया घटनाक्रम पर बड़े अपडेट

मिडल ईस्ट में चल रहे इस तनाव का असर कई खाड़ी देशों पर भी देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं जिनका विवरण नीचे दिया गया है:

स्थान या देश प्रमुख घटनाक्रम
Kuwait अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने कुवैत में विश्वविद्यालयों को निशाना बनाए जाने की आशंका पर अलर्ट जारी किया है।
Saudi Arabia सऊदी सुरक्षा बलों ने अपनी सीमा की ओर आ रहे संदिग्ध ड्रोनों को सफलतापूर्वक बीच में ही रोक दिया है।
Bahrain बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने देश में हुई एक घटना के लिए बाहरी आक्रामकता को जिम्मेदार ठहराया है।
Qatar कतर के समुद्री क्षेत्र के पास एक तेल टैंकर के साथ घटना होने की रिपोर्ट मिली है।
Strait of Hormuz ईरान ने इस रास्ते को खोलने के लिए अमेरिका द्वारा दी गई समय सीमा को मानने से इनकार कर दिया है।

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर उनके संस्थानों पर हमले बंद नहीं हुए तो वे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इज़राइली शैक्षणिक केंद्रों को अपना लक्ष्य बनाएंगे। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलिबाफ ने भी चेतावनी दी है कि किसी भी तरह के जमीनी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। प्रवासियों और खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को फिलहाल सुरक्षा अलर्ट और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है।