ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इसराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में जो असुरक्षा है, वह सीधे तौर पर अमेरिका और इसराइल के हमलों का नतीजा है। इस तनाव की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं क्योंकि पश्चिम एशिया से तेल की सप्लाई रुकने का डर बना हुआ है।

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ईरान ने किन देशों से की बात और क्या है उनकी मांग?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के लिए कई देशों से संपर्क किया। उन्होंने India, केन्या और पोलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर बात की। इसके अलावा उन्होंने इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस के अध्यक्ष और लेबनान की संसद के स्पीकर से भी चर्चा की। अराघची ने साफ तौर पर कहा कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में असुरक्षा के लिए अमेरिका और इसराइल जिम्मेदार हैं और उन्हें ही इसके वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक परिणामों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

अमेरिकी नाकाबंदी और तेल बाजार का हाल

अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी का असर अब साफ दिखने लगा है। 29 अप्रैल 2026 को US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने 42वें उस कमर्शियल जहाज को रास्ता बदलने पर मजबूर किया जो नाकाबंदी को तोड़कर अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल कंपनियों के साथ बैठक की ताकि इस नाकाबंदी से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। इस पूरे विवाद के कारण तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने की बातचीत अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुँची है।

तनाव खत्म करने के लिए ईरान का प्रस्ताव

ईरान ने इस संकट को सुलझाने के लिए कुछ प्रस्ताव भी रखे हैं। विदेश मंत्री अराघची ने रूस, ओमान और पाकिस्तान का दौरा किया और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। ईरान ने प्रस्ताव दिया कि अगर अमेरिका अपनी नाकाबंदी हटा ले और युद्ध खत्म कर दे, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगी अपनी पाबंदियां हटा लेगा। हालांकि, अराघची ने यह भी कहा कि पिछली बातचीत इसलिए फेल हुई क्योंकि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा और गलत थीं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के अनुसार फारस की खाड़ी में असुरक्षा की मुख्य वजह क्या है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, फारस की खाड़ी में असुरक्षा का मुख्य कारण अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य आक्रामकता है।

अमेरिका की नाकाबंदी का जहाजों पर क्या असर पड़ रहा है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) अब तक 42 कमर्शियल जहाजों को ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी तोड़ने से रोका है और उन्हें रास्ता बदलने पर मजबूर किया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.