ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ देश के कड़े प्रतिरोध को ऐतिहासिक बताया है। इस तनाव के बीच IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर दोबारा हमला हुआ तो युद्ध की आग अब इस क्षेत्र से बाहर तक फैल सकती है। पूरी दुनिया की नज़रें अब इस बात पर हैं कि क्या शांति समझौता होगा या नया युद्ध शुरू होगा।

ईरान के सुप्रीम लीडर और IRGC की बड़ी चेतावनी

सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने कहा कि ईरान अमेरिका और इसराइल जैसी दो वैश्विक आतंकवादी सेनाओं के खिलाफ ऐतिहासिक और अभूतपूर्व प्रतिरोध कर रहा है। उन्होंने साफ किया कि यह स्थिति इस्लामिक रिपब्लिक के सभी अधिकारियों और प्रबंधकों पर भारी जिम्मेदारी डालती है। बता दें कि सुप्रीम लीडर के पिता की मृत्यु 28 फरवरी 2026 को एक हवाई हमले में हुई थी।

वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान पर हमला दोबारा हुआ, तो इस बार क्षेत्रीय युद्ध क्षेत्र की सीमाओं को पार कर जाएगा। IRGC ने दावा किया कि उनके पास अभी भी बहुत सी क्षमताएं बची हैं और वे ऐसी जगहों पर प्रहार करेंगे जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

अमेरिका का रुख और पाकिस्तान की मध्यस्थता

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने खुलासा किया कि वह ईरान पर नए हमले के आदेश देने के बहुत करीब थे, लेकिन खाड़ी देशों के अनुरोध पर उन्होंने इसे रोक दिया। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे किसी भी समय फिर से बड़े हमलों के आदेश दे सकते हैं।

इस तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री ने शांति समझौता कराने के लिए तेहरान का दौरा किया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने पुष्टि की कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तानी मध्यस्थता के जरिए बातचीत चल रही है। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि उसे अमेरिकी सरकार से समस्या है, अमेरिकी जनता से नहीं।

ईरान की शांति शर्तें और कानूनी कार्रवाई

ईरान ने शांति के लिए अपनी कुछ मुख्य शर्तें रखी हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • नुकसान की भरपाई: युद्ध के कारण हुए विनाश के लिए हर्जाना दिया जाए।
  • सैनिकों की वापसी: ईरान के पास स्थित क्षेत्रों से अमेरिकी सेना हटाई जाए।
  • दुश्मनी खत्म करना: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद हो।
  • प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं और उसके जमे हुए पैसे वापस मिलें।

इसके साथ ही, ईरान अमेरिका और इसराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में कानूनी मामला चलाने की तैयारी कर रहा है। चीन और रूस ने भी संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका और इसराइल के हमलों को गैरकानूनी बताया है और विवाद सुलझाने में मदद की पेशकश की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने शांति समझौते के लिए क्या शर्तें रखी हैं

ईरान ने युद्ध के नुकसान की भरपाई, अमेरिकी सैनिकों की वापसी, सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद करने, प्रतिबंध हटाने और अपने जमे हुए फंड वापस पाने की मांग की है।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में किसकी भूमिका है

पाकिस्तान इस विवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री ने शांति वार्ता के लिए तेहरान का दौरा किया है और दोनों देशों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हो रहा है।