ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबबादी ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ़ कहा कि धमकी और दबाव के दम पर असली शांति नहीं आ सकती। ईरान ने इस संकट को खत्म करने के लिए अपनी कुछ बुनियादी शर्तें रखी हैं, जिन्हें वह ज़रूरी मानता है।

शांति के लिए ईरान ने क्या शर्तें रखी हैं?

डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने बताया कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन इसके लिए कुछ बुनियादी बातों का होना ज़रूरी है। ईरान ने अपनी मांगों की एक लिस्ट सामने रखी है:

  • युद्ध का अंत: जंग पूरी तरह से रुकनी चाहिए और यह दोबारा नहीं होनी चाहिए।
  • नुकसान की भरपाई: युद्ध के दौरान हुए तमाम नुकसानों का हर्जाना दिया जाए।
  • प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी गैरकानूनी प्रतिबंध और नाकेबंदी को हटाया जाए।
  • अधिकारों का सम्मान: ईरान के कानूनी अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाए।

ग़रीबबादी ने साफ़ किया कि ये कोई बहुत बड़ी मांगें नहीं हैं, बल्कि किसी भी टिकाऊ समझौते के लिए सबसे कम ज़रूरतें हैं।

UN और Strait of Hormuz विवाद पर ईरान का क्या कहना है?

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अमेरिका द्वारा पेश किए गए एक प्रस्ताव का विरोध किया है। यह मामला Strait of Hormuz की सुरक्षा से जुड़ा है। ईरान के मुताबिक, अमेरिका अपनी सैन्य आक्रामकता और नाकेबंदी की सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

काज़ेम ग़रीबबादी ने कहा कि अमेरिका मामले को घुमाकर ईरान के खिलाफ पेश करना चाहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी प्रस्ताव में ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार और अमेरिकी हमलों का ज़िक्र नहीं होगा, तो वह प्रस्ताव पूरी तरह से बेकार और नाकाम रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री सुरक्षा के नाम पर अमेरिका और इसराइल जो धमकियां दे रहे हैं, उनकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने शांति के लिए कौन सी मुख्य शर्तें रखी हैं?

ईरान ने युद्ध का स्थायी अंत, नुकसान की भरपाई, गैरकानूनी प्रतिबंधों और नाकेबंदी को हटाने और अपने अधिकारों के सम्मान की मांग की है।

काज़ेम ग़रीबबादी ने अमेरिकी प्रस्ताव को क्यों खारिज किया?

उनका कहना है कि अमेरिका अपनी आक्रामकता को छिपाकर मामले को घुमाने की कोशिश कर रहा है और प्रस्ताव में ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार को नज़रअंदाज़ किया गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.