अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत नाकाम रही है। इस बीच, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के एक दावे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance उन्हें हर दिन अपडेट देते हैं। ईरान ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई है और इसे एक बड़ा अपमान बताया है।

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आखिर विवाद क्या है और ईरान क्यों नाराज है?

ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने Netanyahu के दावे पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब किसी सरकार का बड़ा अधिकारी दूसरे देश के नेता को हर दिन रिपोर्ट दे, तो यह बहुत शर्मनाक बात है। ईरान ने इसे ‘स्ट्रक्चरल ह्यूमिलिएशन’ यानी व्यवस्थागत अपमान करार दिया है। उनके मुताबिक, इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि एक सरकार का वरिष्ठ अधिकारी दूसरे देश के प्रमुख को डेली ब्रीफिंग दे रहा है।

इस्लामाबाद मीटिंग में क्या हुआ और बातचीत क्यों फेल हुई?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली। लेकिन यह मीटिंग किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सकी। बातचीत फेल होने के मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:

  • ईरान के परमाणु समझौतों और यूरेनियम ट्रांसफर पर विवाद।
  • Strait of Hormuz को दोबारा खोलने को लेकर असहमति।
  • Benjamin Netanyahu का दावा कि ईरान ने सीजफायर के नियमों का उल्लंघन किया है।

बातचीत के दौरान क्या हुआ और अन्य आरोप क्या हैं?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने आरोप लगाया कि बातचीत के बीच Netanyahu ने Vance को फोन किया था। उन्होंने कहा कि इस कॉल की वजह से अमेरिका का ध्यान ईरान से हटकर इसराइल के हितों पर चला गया। वहीं, अमेरिका के कुछ सांसदों ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। Democratic Congressman Mark Pocan ने कहा कि Trump प्रशासन अमेरिकी जनता या कांग्रेस के बजाय Netanyahu को ज्यादा जानकारी दे रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com