ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबज़ादेह ने एक खास इंटरव्यू में अमेरिका और इसराइल को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका को अब उस समझौते (MoU) की शर्तों को पूरा करना होगा ताकि इलाके में स्थिरता आ सके। साथ ही उन्होंने इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर आरोप लगाया कि वे शांति की कोशिशों में बाधा डाल रहे हैं।

शांति और बातचीत पर ईरान का रुख

सईद खतीबज़ादेह ने बताया कि ईरान डिप्लोमैटिक बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाला पक्ष गंभीरता दिखाएगा, तो ईरान भी कदम-दर-कदम आगे बढ़ेगा। ईरान चाहता है कि गाजा और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर शांति रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि लेबनान और पूरे क्षेत्र में शांति तभी संभव है जब कब्जा खत्म हो और इसराइल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करे।

परमाणु कार्यक्रम और जहाजों का रास्ता

परमाणु कार्यक्रम पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका के साथ अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक मौजूदा स्थिति बनी रहेगी। इसमें बुशेहर जैसे केंद्रों पर होने वाली जांच भी शामिल है। वहीं, Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) को लेकर उन्होंने बताया कि ओमान के साथ तालमेल बिठाकर जहाजों को रास्ता दिया जा रहा है। 18 जून 2026 के समझौते के अनुसार, अगले 60 दिनों तक कोई रास्ता शुल्क (passage fees) नहीं लिया जाएगा, जिसके बाद नया सिस्टम शुरू होगा।

ताजा हालात और अमेरिकी हस्तक्षेप

खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल से हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम (ceasefire) करने को कहा था। लेकिन इसके बावजूद दक्षिण लेबनान में इसराइल ने करीब 12 हमले किए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने उन खबरों को गलत बताया जिनमें Strait of Hormuz को बंद करने की बात कही गई थी।

ईरान और अमेरिका के बीच आने वाले कुछ दिनों में फिर से बैठक होने की उम्मीद है, क्योंकि शुक्रवार को होने वाली बातचीत को टाल दिया गया था।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.