अमेरिका और इसराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के नाम पर उस पर हमले किए। अब इन हमलों की वजह से दुनिया भर में परमाणु हथियारों को रोकने वाली संधि (NPT) पर भरोसा कम हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ Olamide Samuel ने कहा कि परमाणु मुद्दों को सुलझाने के लिए जबरदस्ती का यह तरीका संधि के लिए बहुत नुकसानदेह है।

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NPT संधि क्या है और इस पर क्या विवाद हो रहा है?

  • NPT संधि का नियम: यह संधि 1970 में लागू हुई थी। इसके तहत बिना परमाणु हथियार वाले देश हथियार नहीं बनाएंगे और जिनके पास हथियार हैं, वे उन्हें कम करने की कोशिश करेंगे।
  • रूस का आरोप: रूस ने अमेरिका और इसराइल की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और NPT पर सीधा हमला बताया है।
  • जांच में बाधा: IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) जून 2025 के हमलों के बाद से ईरान में अपनी जांच शुरू नहीं कर पाई है।
  • इसराइल का रुख: इसराइल के पास परमाणु हथियार होने की बात कही जाती है लेकिन उसने NPT संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

ईरान की नई शर्तें और दुनिया के ताजा अपडेट

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा था। ईरान ने कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोल देगा और युद्ध खत्म कर देगा, बशर्ते अमेरिका उसका आर्थिक नाकाबंदी खत्म करे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को अधूरा बताया क्योंकि इसमें परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की बात नहीं थी।

  • UAE में सुरक्षा: इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने UAE में Iron Dome बैटरी और जवानों को तैनात करने का आदेश दिया है।
  • ईरान की कूटनीति: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस का दौरा किया और बातचीत विफल होने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
  • हिजबुल्लाह का बयान: लेबनान के हिजबुल्लाह नेता ने इसराइल के साथ सीधी बातचीत करने से इनकार कर दिया है।
  • अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिका ने ईरानी तेल ले जा रहे एक पनामा जहाज को रोककर अपनी नाकाबंदी जारी रखी है।