ईरान में अमेरिका और इसराइल द्वारा चलाए गए सैन्य अभियान अब खत्म हो गए हैं। रॉयटर्स के हवाले से सऊदी न्यूज़ (@SaudiNews50) ने बताया कि ये ऑपरेशन अधिकार क्षेत्र या कानूनी कारणों से रोक दिए गए। यह पूरी लड़ाई काफी तनावपूर्ण रही जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा और कई देशों के रिश्तों में खटास ला दी।

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ईरान में कब शुरू हुए और कब खत्म हुए हमले?

यह पूरा मामला 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था। अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) और इसराइल ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ (Operation Roaring Lion) नाम से बड़े हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सैन्य केंद्रों, परमाणु स्थलों और मिसाइल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था। इसके बाद 4 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम हुआ और 16 अप्रैल को हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच अलग से समझौता हुआ।

ऑपरेशन खत्म होने के पीछे की कानूनी वजह क्या है?

अमेरिकी कानून ‘वार पॉवर्स रेजोल्यूशन’ (War Powers Resolution) के मुताबिक, बिना कांग्रेस की मंजूरी के सैन्य कार्रवाई केवल 60 दिनों तक की जा सकती है। यह समय सीमा 29 अप्रैल 2026 के आसपास खत्म हो गई थी। इसी वजह से इन ऑपरेशन्स को क्षेत्राधिकार कारणों (jurisdictional reasons) से समाप्त करना पड़ा। कई अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने इन हमलों को यूएन चार्टर का उल्लंघन और युद्ध अपराध माना है। ईरान ने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के अधिकार को स्वीकार कर लिया है ताकि अपराधों की जांच हो सके।

सऊदी अरब और आसपास के देशों पर क्या असर पड़ा?

इस तनाव के दौरान ईरान ने सऊदी अरब और कुवैत की धरती पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। सऊदी अरब ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताया। इसी वजह से 22 मार्च 2026 को सऊदी सरकार ने ईरान के राजनयिकों को देश से निकाल दिया था। हालांकि अभी युद्धविराम है, लेकिन ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर हमले फिर शुरू हुए तो वे सरप्राइज रणनीति अपनाएंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी ऑपरेशन खत्म होने की मुख्य वजह क्या थी?

मुख्य वजह ‘वार पॉवर्स रेजोल्यूशन’ की 60 दिनों की समय सीमा का खत्म होना था, जिसके बाद बिना कांग्रेस की मंजूरी के सैन्य कार्रवाई जारी रखना कानूनी रूप से संभव नहीं था।

सऊदी अरब ने ईरान के खिलाफ क्या कदम उठाए?

सऊदी अरब ने अपनी धरती पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों की निंदा की और 22 मार्च 2026 को ईरान के राजनयिकों को देश से बाहर निकाल दिया।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.