ईरान की तरफ से खाड़ी क्षेत्र में तनाव को लेकर एक बड़ी घोषणा की गई है। ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की नेवी ने स्पष्ट किया है कि Strait of Hormuz अब अपनी पुरानी स्थिति में वापस नहीं आएगा। इसका मतलब है कि अमेरिका और इसराइल के जहाजों के लिए अब यहां से गुजरना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। इसी दौरान कुवैत और कतर ने भी अपने क्षेत्रों में ईरान की ओर से हवाई हमले होने की सूचना दी है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर असर पड़ना तय है।

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ट्रम्प की चेतावनी और ईरान की नई शर्तें

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर बेहद सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए ईरान को मंगलवार तक का समय दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर Strait of Hormuz नहीं खुला तो ईरान के बिजली घरों और पुलों पर भारी बमबारी की जाएगी। ट्रम्प ने मंगलवार को ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ की धमकी दी है। दूसरी तरफ ईरान के अधिकारी Seyyed Mohammad Mehdi Tabatabaei ने कहा है कि जब तक युद्ध से हुए नुकसान का भुगतान ट्रांजिट टोल के जरिए नहीं होगा, तब तक रास्ता पूरी तरह नहीं खुलेगा। रिपोर्ट के अनुसार ईरान गैर-ईरानी जहाजों से लाखों डॉलर की फीस वसूल रहा है।

क्षेत्र में युद्ध के हालात और प्रमुख घटनाएं

तारीख महत्वपूर्ण घटना
5 अप्रैल 2026 IRGC ने Strait of Hormuz की स्थिति बदलने का ऐलान किया
5 अप्रैल 2026 कुवैत और कतर पर ईरान के हवाई हमलों की खबर आई
7 अप्रैल 2026 Donald Trump द्वारा दी गई हमले की अंतिम समयसीमा
6 अप्रैल 2026 OPEC+ देशों की तेल उत्पादन योजना पर चर्चा

इस बीच इसराइल के रक्षा अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने की तैयारी कर चुके हैं और बस अमेरिका की मंजूरी का इंतजार है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस मामले को लेकर बहस चल रही है लेकिन रूस और चीन जैसे देशों की आपत्तियों के कारण कोई ठोस फैसला नहीं हो सका है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है क्योंकि तनाव बढ़ने से हवाई यात्रा और जरूरी सामानों की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।