ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ा तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले से बढ़ी चिंता.

मध्य पूर्व में एक बार फिर से तनाव की स्थिति पैदा हो गई है और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालात बहुत नाजुक बने हुए हैं। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की योजना की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद ईरान ने भी कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। यह टकराव खाड़ी देशों के साथ-साथ वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
होर्मुज में बढ़ा टकराव और जहाजों पर हमले
होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के बीच हाल ही में कमर्शियल टैंकरों को निशाना बनाया गया है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन के मुताबिक, शुक्रवार को ओमान के पास एक अज्ञात वस्तु के टकराने से एक जहाज का इंजन रूम क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं शनिवार को भी एक अन्य टैंकर के पास धमाके की सूचना मिली। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरती है, ऐसे में यहां कोई भी अशांति सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर डालती है।
ईरान की चेतावनी और सैन्य तैयारियां
ईरान के नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमीशन के सदस्य इब्राहिम रेजाई ने स्पष्ट किया है कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका और इजराइल ने हमला किया, तो इसका जवाब फारस की खाड़ी तक सीमित नहीं रहेगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के महासचिव मोहम्मद बाघेरी जोलघद्र ने भी धमकी दी है कि अगर स्थितियां बिगड़ती हैं, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी को और सख्त कर देगा और अन्य जलमार्ग भी बंद किए जा सकते हैं।
सऊदी अरब और अन्य देशों की चिंता
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात कर हमले न करने की अपील की है। क्षेत्र में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने अम्मान, यरूशलेम और बगदाद में स्थित अपने दूतावासों के जरिए नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्थिति को संभालने के लिए तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारियों से कूटनीतिक संपर्क साधा है।
हूती विद्रोहियों का रुख
यमन के हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में टोल वसूलने के दावों को सिरे से खारिज किया है। हूती ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी गुजरने वाले जहाज से कोई शुल्क नहीं ले रहे हैं। हालांकि, क्षेत्र में चल रही इस उठापटक का सीधा असर सामान्य जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ता दिख रहा है। आप इस मामले की अधिक जानकारी Gulfhindi.com पर पढ़ सकते हैं।