Iran ने अमेरिका और इसराइल को बताया फेल, बातचीत से नहीं होगा फायदा, अब युद्ध का खतरा बढ़ा
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। रूस में ईरान के राजदूत ने साफ कह दिया है कि अमेरिका और इसराइल अपने सैन्य लक्ष्यों में नाकाम रहे हैं। अब दुनिया की नजरें 22 अप्रैल को खत्म होने वाले युद्धविराम पर हैं, क्योंकि ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली शांति बातचीत से भी इनकार कर दिया है।
ईरान ने बातचीत से इनकार क्यों किया और क्या है विवाद
ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने बताया कि इस्लामाबाद में बातचीत के लिए ईरान के सहमत होने की खबरें गलत हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा और अवास्तविक हैं। साथ ही अमेरिका ने समुद्र में जो नाकाबंदी की है, उसे ईरान युद्धविराम का उल्लंघन मान रहा है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरान के जहाज ‘Touska’ को जब्त कर लिया, जिसे ईरान ने समुद्री डकैती करार दिया है।
शांति के लिए ईरान की शर्तें और मुख्य बातें
ईरान ने शांति के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं और साथ ही वर्तमान स्थिति को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिन्हें नीचे टेबल में देखा जा सकता है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| हमलों पर रोक | सभी तरह के आतंकवादी हमलों और आक्रमणों को पूरी तरह बंद करना होगा। |
| गारंटी की मांग | भविष्य में युद्ध न होने के लिए विश्वसनीय गारंटी देनी होगी। |
| मुआवजा | सामान और मानसिक नुकसान के लिए पूरा हर्जाना देना होगा। |
| समुद्री अधिकार | होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के कानूनी अधिकार का सम्मान करना होगा। |
| युद्धविराम की तारीख | मौजूदा युद्धविराम 22 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है। |
| जहाज की जब्ती | CENTCOM ने ईरानी जहाज Touska को जब्त किया है। |
| नाकाबंदी | अमेरिका ने 13 अप्रैल से समुद्री नाकाबंदी लागू की थी। |
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और अमेरिका का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी करके युद्धविराम तोड़ा है। ट्रंप ने एक उचित डील का ऑफर दिया था, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो वे ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाएंगे। दूसरी तरफ, अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट उम्मीद जता रहे हैं कि बातचीत सही दिशा में जा रही है और जल्द ही कोई समझौता हो सकता है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस मामले में मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं ताकि इलाके में स्थिरता बनी रहे।