ईरान के IRGC Quds Force के चीफ ब्रिगेडियर जनरल Esmaeil Qaani ने अमेरिका और इसराइल को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ये दोनों देश पश्चिम एशिया से बिना किसी मकसद के खाली हाथ वापस जाएंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने Hormuz जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की नाकाबंदी करने की धमकी दी है।

🚨: US-Iran Tension: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की, ईरान ने दी चेतावनी, अब कोई भी पोर्ट नहीं रहेगा सुरक्षित

अमेरिका की नाकाबंदी की धमकी और CENTCOM का स्पष्टीकरण

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया था कि US Navy Hormuz जलडमरूमध्य में नाकाबंदी शुरू करेगी। यह कार्रवाई 13 अप्रैल 2026 को दोपहर 2:00 GMT से शुरू होनी थी। हालांकि, US Central Command (CENTCOM) ने बाद में साफ़ किया कि यह नाकाबंदी सिर्फ उन जहाजों के लिए होगी जो ईरान के बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय जहाजों को आने-जाने की पूरी आज़ादी रहेगी।

ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्र में तनाव की स्थिति

ईरान ने अमेरिका की इस धमकी को पूरी तरह खारिज कर दिया है। Iranian Army के नेवी कमांडर Rear Admiral Shahram Irani ने इसे बेहद हास्यास्पद बताया। वहीं, सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaee ने कहा कि ईरान के पास इस नाकाबंदी का मुकाबला करने के लिए कई बड़े तरीके मौजूद हैं। इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत भी 12 अप्रैल को नाकाम रही क्योंकि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा थीं।

मिसाइल हमले और बुनियादी ढांचे पर वार

क्षेत्र में तनाव इतना बढ़ गया है कि अमेरिका और इसराइल ने ईरान के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा रास्तों पर हमले किए हैं। जवाब में ईरान की सेना ने भी अमेरिकी ठिकानों और इसराइली चौकियों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। Quds Force चीफ ने कहा कि प्रतिरोध मोर्चे की मजबूत मौजूदगी के कारण अमेरिका और इसराइल को पहले की तरह यमन और लाल सागर से पीछे हटना पड़ा था और अब भी ऐसा ही होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.