ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए अपनी शर्तें दुनिया के सामने रखी हैं। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस सैन्य टकराव को शांत करने के लिए इसे एक अहम कदम माना जा रहा है। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर युद्धविराम के लिए तीन मुख्य बातें बताई हैं जिन पर ईरान समझौता करना चाहता है।
ईरान की तीन मुख्य शर्तें क्या हैं?
ईरान के राष्ट्रपति ने सीजफायर के लिए जो तीन प्रमुख शर्ते रखी हैं, वह इस प्रकार हैं:
- अधिकारों की मान्यता: अमेरिका और इजराइल को ईरान की संप्रभुता और उसके शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को मान्यता देनी होगी।
- नुकसान का हर्जाना: हाल ही में हुए हवाई हमलों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण जो आर्थिक नुकसान हुआ है, उसका पूरा हर्जाना देना होगा।
- अंतरराष्ट्रीय गारंटी: अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अमेरिका को यह पक्की और कानूनी गारंटी देनी होगी कि भविष्य में ईरान पर कोई हमला या घुसपैठ नहीं होगी।
इसके साथ ही ईरान ने यह भी साफ किया है कि वह अपने पड़ोसी देशों पर तब तक कोई हमला नहीं करेगा, जब तक उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होता।
अमेरिका का रुख और मौजूदा हालात
कूटनीतिक बातचीत के बावजूद जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी भी बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग पर अड़े हुए हैं और अमेरिकी सेना लगातार हवाई हमले कर रही है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बात करके शांति की अपील की है।
ईरान की सेना के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि अगर उनके बंदरगाहों पर कोई हमला हुआ, तो फारस की खाड़ी में मौजूद किसी भी आर्थिक केंद्र को निशाना बनाया जाएगा। इस बीच ईरान के अंदर भी कुछ कट्टरपंथी समूह राष्ट्रपति की इन शर्तों का विरोध कर रहे हैं और आक्रामक सैन्य कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
