ईरान के मानवाधिकार अधिकारी ने अमेरिका और इसराइल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों और अस्पतालों पर किए गए हमले सीधे तौर पर युद्ध अपराध हैं। इस हमले में कई स्कूलgirls और अस्पताल के मरीजों की जान गई है, जिससे पूरी दुनिया में काफी चर्चा हो रही है। ईरान ने अब इन सबूतों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहुँचा दिया है।

हमलों में कितनी जान गई और कौन से नियम टूटे

ईरान के मानवाधिकार परिषद के सचिव Naser Seraj ने बताया कि अमेरिका और इसराइल ने जेनेवा कन्वेंशन के नियमों का खुला उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मारना किसी भी सैन्य जरूरत के तहत सही नहीं ठहराया जा सकता। यह मामला UN Charter के आर्टिकल 2, पैराग्राफ 4 का भी उल्लंघन है, जो किसी भी देश द्वारा बल प्रयोग या धमकी को रोकता है।

  • कुल मौतें: हमले में 380 से ज्यादा बच्चों की जान गई।
  • घायल: करीब 2,115 बच्चे घायल हुए।
  • खास घटना: Minab के Shajareh Tayyebeh School पर बमबारी हुई, जिसमें 168 स्कूलgirls की मौत हुई।
  • अन्य नुकसान: Tehran के Children’s Hospital और Khatam al-Anbiya Hospital को निशाना बनाया गया।
  • बड़ी घटना: इस हमले के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Seyyed Ali Khamenei की हत्या भी की गई।

ईरान ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से क्या मांग की

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रमुख Pirhossein Koolivand ने जानकारी दी कि अमेरिका और इसराइल के खिलाफ 35 फाइलें अंतरराष्ट्रीय कोर्ट और अन्य संस्थाओं को भेजी गई हैं। ईरान का कहना है कि पश्चिमी देश बच्चों के अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन जब ईरान के बच्चों पर हमला होता है, तो वे चुप रहते हैं।

ईरान ने UNICEF की डायरेक्टर Catherine Russell से अपील की है कि वे इन हमलों की कड़ी निंदा करें और प्रभावित बच्चों की मदद के लिए कदम उठाएं। ईरान ने UN Security Council की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं और बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों को ‘एनवायरमेंटल जेनोसाइड’ बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगाए हैं?

ईरान ने आरोप लगाया है कि US और Israel ने बच्चों और अस्पतालों पर हमला करके जेनेवा कन्वेंशन और UN Charter के नियमों का उल्लंघन किया है, जो कि युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।

हमलों में बच्चों का कितना नुकसान हुआ?

रिपोर्ट के मुताबिक 380 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई और 2,115 बच्चे घायल हुए, जिसमें Minab के एक स्कूल में 168 स्कूलgirls की जान गई।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.