Iran War Crimes: अमेरिका और इसराइल पर लगा युद्ध अपराध का आरोप, मानवाधिकार अधिकारी ने की कानूनी कार्रवाई की मांग

ईरान में अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हमलों को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद शुरू हो गया है। एक मानवाधिकार अधिकारी ने इन हमलों को युद्ध अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब वैश्विक अदालतों तक पहुँचने की तैयारी में है क्योंकि दुनिया भर के कई विशेषज्ञों ने इन सैन्य हमलों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगे हैं?

ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA के अनुसार, मानवाधिकार अधिकारियों ने अमेरिका और इसराइल पर युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है। बताया गया कि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए सैन्य हमलों ने ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति को बहुत खराब कर दिया। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी कि इन हमलों की वजह से आम लोगों की मौतें बढ़ी हैं और वहां की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विशेषज्ञों का क्या कहना है?

इस विवाद में कई बड़ी संस्थाओं और कानून के जानकारों ने अपनी राय रखी है, जिसे नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:

संस्था/व्यक्ति मुख्य बात
UN एक्सपर्ट्स कहा कि हमले UN चार्टर के खिलाफ हैं और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
लॉ एक्सपर्ट्स 100 से ज्यादा विशेषज्ञों ने माना कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन थे।
FIDH हमलों की निंदा की और कहा कि इससे आम नागरिक और बुनियादी ढांचा तबाह हुआ है।
ईरानी राजदूत UN में राजदूत अमीर सईद इरवानी ने इन हमलों को गैरकानूनी बताया और कार्रवाई की मांग की।

विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य हमलों के दौरान नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी कानून का उल्लंघन है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमले भी आत्मरक्षा के अधिकार से आगे निकल गए थे।