17 मार्च 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद तेहरान में भारी तबाही देखने को मिल रही है। युद्ध की आग अब गल्फ देशों तक फैल रही है, जिससे भारत से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और यात्रियों की चिंता बहुत बढ़ गई है।

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ईरान में तबाही और प्रमुख नेताओं की मौत

इजरायल की सेना ने पुष्टि की है कि रात भर हुए हमलों में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी मारे गए हैं। इसके अलावा बासीज मिलिशिया के कमांडर गोलमरेजा सुलेमानी की भी जान गई है। तेहरान के सादाबाद पैलेस और नियावरान जिले के पास बड़े धमाके देखे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की लीडरशिप खत्म हो चुकी है और अब बातचीत का कोई समय नहीं बचा है। CENTCOM के आंकड़ों के अनुसार 28 फरवरी से अब तक ईरान में 7000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

गल्फ देशों पर असर और फ्लाइट्स सस्पेंड

इस युद्ध का सीधा असर UAE और अन्य खाड़ी देशों पर पड़ रहा है। दुबई और दोहा में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, और फुजैरा के पास एक टैंकर पर भी हमला हुआ है। बिगड़ते हालात को देखते हुए दुबई एयरपोर्ट पर कई पाबंदियां लगा दी गई हैं। भारत के यात्रियों के लिए बुरी खबर है क्योंकि Air India, IndiGo और SpiceJet ने दुबई के लिए अपनी सभी फ्लाइट्स को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा मंगलवार सुबह अबू धाबी के बानी यास इलाके में आसमान से मिसाइल के टुकड़े गिरने से एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत भी हो गई है।

बढ़ता तनाव और आम जनजीवन पर प्रभाव

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज का रास्ता बंद हो गया है, जिससे कच्चे तेल (Brent crude) की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। इराक के बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर भी ड्रोन से हमला किया गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने साफ कहा है कि उनका देश किसी के आगे घुटने नहीं टेकेगा। सुरक्षा कारणों से ईरान के अंदर इंटरनेट और VPN सेवाओं पर भारी पाबंदी लगा दी गई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में मासूम बच्चों और नागरिकों की भी जान गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का माहौल है।