ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध ने अब बेहद गंभीर रूप ले लिया है. इस युद्ध के 11वें दिन तक ईरान में बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है, जहां आम नागरिकों और अस्पतालों को भारी नुकसान पहुंचा है. Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार हजारों नागरिक इस संघर्ष से प्रभावित हुए हैं और कई बड़े अस्पताल पूरी तरह से सेवा देने में असमर्थ हो गए हैं. हालात इतने खराब हैं कि तेहरान और उसके आसपास के इलाकों से करीब एक लाख लोग सुरक्षित जगहों पर जा चुके हैं.

अस्पतालों और आम लोगों पर क्या हुआ है असर?

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय और Red Crescent Society के अनुसार अब तक 77 हेल्थकेयर सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है. इसके चलते तेहरान के सभी अस्पतालों में हमेशा के लिए इमरजेंसी लागू कर दी गई है. WHO ने भी स्वास्थ्य सुविधाओं पर सीधे हमले की पुष्टि की है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत सुरक्षित रखने की बात कही है.

  • Valiasr Burn Hospital: यह अस्पताल पूरी तरह से काम करना बंद कर चुका है.
  • Gandhi Hospital: तेहरान के इस अस्पताल की इमारत को भारी नुकसान हुआ है, जिसके बाद यहां से नवजात बच्चों और मरीजों को बाहर निकाला गया.
  • Khatam और Motahari Hospitals: इन दोनों प्रमुख अस्पतालों को भी काफी नुकसान हुआ है.
  • नागरिकों का नुकसान: पिछले 11 दिनों में 1300 से ज्यादा आम लोगों की जान जा चुकी है और 16,000 से ज्यादा रिहायशी घर तबाह हुए हैं.

ईरान और अमेरिका का आगे का क्या प्लान है?

इस भारी नुकसान के बाद ईरान की सेना (IRGC) ने भी अपनी जवाबी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है. ईरान ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि वे अब अमेरिका और इजराइल के बैंकों और आर्थिक ठिकानों को अपना निशाना बनाएंगे. दूसरी तरफ अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य बड़े खतरों को खत्म करना है ताकि ईरान न्यूक्लियर हथियार हासिल ना कर सके. इस युद्ध में अब तक अमेरिका के 7 सैनिकों की जान जाने और 140 के घायल होने की खबर भी सामने आई है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.