Iran War: दवाइयों और कंडोम की कीमतों में बढ़ोतरी का दावा, अमेरिका और इसराइल की जंग का आम आदमी पर असर

अमेरिका और इसराइल की ईरान के साथ चल रही जंग अब आम लोगों की जेब पर असर डाल रही है. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस युद्ध की वजह से दवाइयों और गर्भनिरोधक दवाओं जैसे कंडोम की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं. दुनिया भर के बाजारों में मची इस हलचल से आम आदमी परेशान है.

ईरान युद्ध और मौजूदा हालात क्या हैं?

अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष फरवरी 2026 से जारी है. पाकिस्तान की मदद से 8 अप्रैल को युद्धविराम शुरू हुआ था, जिसे राष्ट्रपति Donald Trump ने 23 अप्रैल को आगे बढ़ा दिया है. हालांकि, ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी अब भी जारी है और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है. इस तनाव के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर वैश्विक मानवीय सहायता पर भी पड़ा है.

दवाइयों की कीमतों पर कितना असर हुआ?

Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के कारण दवाओं और कंडोम की कीमतों में उछाल आया है. दूसरी ओर, Washington Post की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2026 में अमेरिका में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की लागत 1.5% घटी थी. वहीं, स्विट्जरलैंड की Interpharma संस्था ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका दवाओं पर 100% टैरिफ लगाता है, तो इससे पूरी दुनिया में दवाओं की सप्लाई चेन और मरीजों को भारी नुकसान होगा.

जंग का अन्य आर्थिक प्रभाव

अमेरिकी कांग्रेस सदस्य Mike Quigley ने इस युद्ध को गलत बताते हुए युद्धविराम के नियमों के पालन की मांग की है. वहीं, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर टोल वसूलना शुरू कर दिया है. अमेरिकी नौसेना को आदेश दिए गए हैं कि वे उन सभी ईरानी नावों को नष्ट कर दें जो समुद्र में माइन बिछा रही हैं. इस पूरी स्थिति से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आम वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.