ईरान ने तेहरान में विदेशी राजदूतों को बुलाकर अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक नया प्रस्ताव साझा किया। यह शांति प्लान पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया गया था। हालांकि, अमेरिका ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से मना कर दिया है, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

ईरान का शांति प्रस्ताव क्या है और इसे किसने पेश किया?

ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबबादी ने तेहरान में विदेशी राजदूतों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि ईरान ने पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाकर एक नया प्लान अमेरिका को भेजा था। यह प्रस्ताव 1 मई 2026 की शाम को सौंपा गया था।

  • यह एक दो चरणों वाला प्लान है।
  • पहले चरण में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की व्यवस्था पर ध्यान दिया गया है ताकि लंबे समय के लिए युद्धविराम हो सके।
  • गरीबबादी ने कहा कि अब फैसला अमेरिका को करना है कि वह कूटनीति का रास्ता चुनता है या टकराव का।

अमेरिका का क्या जवाब था और दूसरे देशों का क्या कहना है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 मई 2026 को ही ईरान के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने इस पर नाराजगी जाहिर की। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस मामले पर तुर्की, कतर, मिस्र, सऊदी अरब, इराक, अज़रबैजान, फ्रांस और रूस के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की।

कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने इस मध्यस्थता के प्रयास का पूरा समर्थन किया। उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को फिर से बहाल करने पर जोर दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंदराबी ने कहा कि कूटनीति के दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं।

क्या फिर से शुरू होगा युद्ध? सैन्य अधिकारियों की चेतावनी

कूटनीति के बीच ईरान के सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है। ईरान के सैन्य मुख्यालय के डिप्टी इंस्पेक्टर मोहम्मद जाफर असदी ने 2 मई 2026 को कहा कि अमेरिका के साथ फिर से युद्ध शुरू होने की संभावना है। उन्होंने साफ किया कि ईरान की सेना अमेरिका की किसी भी नई हरकत या गलतफहमी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

बता दें कि इससे पहले 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मदद से युद्धविराम हुआ था, लेकिन बाद की बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अपना शांति प्रस्ताव किस देश के जरिए भेजा?

ईरान ने अपना नया शांति प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया था, क्योंकि पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभा रहा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 मई 2026 को ईरान के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और ईरान के नेतृत्व के प्रति अपनी नाराजगी जताई।