Iran vs US-Israel: ईरान ने कसी कमर, अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध के लिए तैयार, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को पकड़ा

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। ईरान की सेना और सुरक्षा नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध फिर से शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने जहाजों पर हमला कर उन्हें जब्त कर लिया है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है।

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ईरान की सेना की तैयारी और अमेरिका का रुख क्या है?

ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने चेतावनी दी है कि उनकी सेना पूरी तरह अलर्ट पर है। प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फघारी ने कहा कि उनके जवान ट्रिगर पर हाथ रखे हुए हैं और किसी भी हमले का जवाब तुरंत देंगे। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंपना होगा और एक एकीकृत प्रस्ताव देना होगा।

शांति वार्ता क्यों रुकी और होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या हुआ?

पाकिस्तान में 22 अप्रैल को होने वाली शांति बातचीत रद्द कर दी गई क्योंकि ईरान ने अपना प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि जब तक अमेरिकी नौसेना ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी नहीं हटाती, तब तक बातचीत का कोई मतलब नहीं है। इसी बीच, ईरान की IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर फायरिंग की और दो कंटेनर जहाजों को जब्त कर अपनी सीमा की ओर ले गए।

आम जनता पर असर और हिज़्बुल्लाह की कार्रवाई

युद्ध की स्थिति का असर आम लोगों पर पड़ रहा है और ईरान में करीब 20 लाख लोगों ने अपनी नौकरी खो दी है। कई व्यापार बंद हो गए हैं जिससे आर्थिक संकट बढ़ गया है। दूसरी तरफ, लेबनान में हिज़्बुल्लाह ने इसराइल पर ड्रोन और रॉकेट हमले किए हैं। जवाबी कार्रवाई में इसराइल ने लेबनान के बेका इलाके में हमला किया है जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हुए हैं।