ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध फिर से शुरू हो सकता है। ईरान का कहना है कि अमेरिका किसी भी समझौते या संधि को मानने के लिए तैयार नहीं है। इस खबर के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव फिर से बढ़ गया है और दुनिया भर में नए युद्ध की आशंका जताई जा रही है।
🚨: रूस ने ईरान को दिया शांति का ऑफर, अमेरिका और इसराइल से युद्ध रुकवाने के लिए बढ़ाया हाथ।
ईरान ने युद्ध की चेतावनी क्यों दी?
ईरान के Khatam al-Anbiya Central Headquarters के डिप्टी इंस्पेक्टर Mohammad Jafar Asadi ने 2 मई 2026 को बयान दिया कि अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध फिर से शुरू होना संभव है। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जिनसे पता चलता है कि अमेरिका समझौतों का पालन नहीं कर रहा है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 1 मई 2026 को कांग्रेस के नेताओं को पत्र लिखकर दावा किया था कि 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ यह युद्ध 7 अप्रैल को युद्धविराम के बाद खत्म हो गया है। हालांकि, अमेरिकी सीनेट के डेमोक्रेट्स ने राष्ट्रपति के इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है।
ताजा हालात और क्षेत्र में क्या चल रहा है?
- लेबनान में हमले: 1 मई 2026 को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमलों में 12 लोग मारे गए और 2 मई को Nabatieh जिले में भी हमले हुए।
- शिपिंग पर दबाव: अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने Strait of Hormuz से सुरक्षित निकलने के लिए ईरान को भुगतान किया, तो उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
- ईरान की तैयारी: ईरान इस समय अपने ड्रोन और मिसाइल सिस्टम को फिर से तैयार कर रहा है और पुराने हथियारों को बाहर निकाल रहा है ताकि किसी भी हमले का जवाब दे सके।
- जासूसों को फांसी: 2 मई 2026 को ईरान ने दो लोगों को फांसी दी है, जिन पर इसराइल के लिए जासूसी करने का आरोप था।
- सैनिकों की वापसी: पेंटागन ने 1 मई को जर्मनी से करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का ऐलान किया है, जिसका संबंध ईरान युद्ध से बताया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच यह संघर्ष कब शुरू हुआ था?
यह मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसके बाद 7 अप्रैल 2026 को युद्धविराम का आदेश दिया गया था।
क्या शांति के लिए कोई बातचीत चल रही है?
फिलहाल बातचीत रुकी हुई है। राष्ट्रपति Trump ने ईरान के ताजा प्रस्ताव पर नाराजगी जताई है और ईरान ने भी अमेरिकी हरकतों की वजह से दूसरी दौर की बातचीत से मना कर दिया है।