अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच चल रही जंग ने अब दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध के कारण दुनिया भर में लगभग 4.5 करोड़ लोग भीषण भुखमरी की कगार पर पहुंच सकते हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग में भारी कटौती के कारण सबसे ज्यादा असर गरीब देशों पर पड़ रहा है। इस तनाव के बीच खाड़ी देशों के समुद्री मार्गों पर भी सुरक्षा का संकट काफी गहरा गया है।
WFP की चेतावनी: किन देशों पर पड़ेगा सबसे ज़्यादा असर?
विश्व खाद्य कार्यक्रम की हालिया रिपोर्ट ‘फूड सिक्योरिटी अंडर प्रेशर’ के अनुसार, सोमालिया, अफगानिस्तान और श्रीलंका में अतिरिक्त 61 लाख लोग संकट के दायरे में आ गए हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि वैश्विक दानदाताओं से मिलने वाली मदद साल 2024 में 9.8 अरब डॉलर से घटकर 2025 में केवल 6.5 अरब डॉलर रह गई है। अमेरिकी फंडिंग में भी आधे से ज्यादा की कटौती हुई है, जिससे इन कमजोर देशों में अनाज की आपूर्ति करना मुश्किल हो रहा है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव: जहाजों और प्रतिबंधों पर ताज़ा अपडेट
इस युद्ध के चलते खाड़ी क्षेत्र में भी सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया कि उसने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोतों पर चेतावनी मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं, हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरान के एलपीजी तस्करी और शैडो बैंकिंग नेटवर्क को निशाना बनाते हुए नए कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं ताकि ईरान पर दबाव बनाया जा सके।
इसराइल का लेबनान पर हमला और परमाणु ठिकानों पर जंग के आरोप
इस बीच इसराइल ने संघर्ष विराम के समझौते के बावजूद दक्षिणी लेबनान के टायर इलाके में बमबारी जारी रखी है, जिससे वहां के निवासियों को पलायन करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर युद्ध अपराधों का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास सहित उसके कई सुरक्षित परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध को रोकने के लिए कोई बातचीत चल रही है?
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह युद्ध को सैन्य तरीके से या बातचीत के जरिए सुलझाना चाहते हैं, लेकिन अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भुखमरी के संकट के पीछे मुख्य कारण क्या बताए गए हैं?
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के कारण तेल और ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके साथ ही वैश्विक दानदाताओं से मिलने वाले फंड में अरबों डॉलर की कमी आई है, जिससे गरीब देशों तक मदद पहुंचाना कठिन हो गया है।
